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गोला तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोला इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। 30 शैय्या वाला यह अस्पताल वर्षों से विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव का दंश झेल रहा है, जिससे क्षेत्र की हजारों की आबादी को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। पढिए पूरी खबर
मरीजों की जान पर संकट
गोरखपुर: गोला तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोला इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। 30 शैय्या वाला यह अस्पताल वर्षों से विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव का दंश झेल रहा है, जिससे क्षेत्र की हजारों की आबादी को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। हालात यह हैं कि जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है।
क्या है पूरी खबर?
मिली जानकारी के अनुसार सीएचसी गोला में शिशु रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र सर्जन, महिला रोग विशेषज्ञ, काय रोग विशेषज्ञ और सामान्य सर्जन जैसे महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। ऐसे में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को या तो निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है या फि र जिला चिकित्सालय गोरखपुर की दौड़ लगानी पड़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह स्थिति और भी पीड़ादायक साबित हो रही है।
मामलों में मरीजों को किया रेफर
अस्पताल में प्रसव की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन महिला चिकित्सक और शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी के कारण जटिल प्रसव मामलों में मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। कई बार समय से विशेषज्ञ न मिलने के कारण गंभीर घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते उपचार मिल जाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
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जिला स्तर पर लिखित सूचना
इस गंभीर मुद्दे पर जब सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमरेंद्र नाथ ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को लेकर जिला स्तर पर लिखित सूचना भेजी जा चुकी है। वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी गोरखपुर डॉ. राजेश झा ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी है और चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध होंगे, सीएचसी गोला में उनकी तैनाती की जाएगी।
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स्वास्थ्य व्यवस्था प्रशासन के दावों की पोल
हालांकि, केवल आश्वासन से जनता का भरोसा टूटता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सवाल यह है कि तहसील मुख्यालय स्थित इतने महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से विशेषज्ञों की तैनाती क्यों नहीं हो पाई? क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?फिलहाल, सीएचसी गोला की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था प्रशासन के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है और आम जनता बेहतर इलाज के लिए भटकने को मजबूर है।