आगरा से 38 अवैध बांग्लादेशी की होगी विदाई, तीन साल की सजा पूरी; 10 जनवरी को बंगाल रवाना होगी पुलिस

आगरा में अवैध रूप से रह रहे 38 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जाएगा। 10 जनवरी को पुलिस उन्हें पश्चिम बंगाल ले जाकर बीएसएफ के हवाले करेगी। 13 जनवरी को सभी को सीमा पार कर बांग्लादेश भेजा जाएगा।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 9 January 2026, 1:37 PM IST
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Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में अवैध रूप से रह रहे 38 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगरा पुलिस 10 जनवरी को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सभी को अपनी कस्टडी में लेकर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना होगी। वहां से इन्हें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले किया जाएगा, जो 13 जनवरी को सभी को भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराकर उनके देश भेजेगा। इस कार्रवाई को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

जिला जेल और आश्रय गृह में रह रहे थे बांग्लादेशी

आगरा पुलिस के अनुसार, डिपोर्ट किए जाने वाले 38 बांग्लादेशी नागरिकों में से 30 लोग जिला जेल में बंद थे। ये सभी विदेशी अधिनियम के तहत तीन साल की सजा पूरी कर चुके हैं। इसके अलावा आठ नाबालिग जिनमें पांच किशोर और तीन किशोरियां शामिल हैं। शहर के एक आश्रय गृह में रह रहे थे। पुलिस प्रशासन ने फैसला लिया है कि सभी को एक साथ डिपोर्ट किया जाएगा, ताकि भविष्य में वे दोबारा किसी अन्य जिले में अवैध रूप से न बस सकें।

फरवरी 2023 में हुआ था अवैध बस्ती का खुलासा

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि फरवरी 2023 में सिकंदरा थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-13 में एक अवैध बस्ती का खुलासा हुआ था। जांच के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक चोरी-छिपे भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर आगरा में रह रहे थे। ये लोग लंबे समय से यहां कबाड़ बीनने और उससे जुड़े काम कर रहे थे।

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फर्जी आधार और वोटर आईडी बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस को अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के पास से आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य पहचान से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। जांच में ये सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। पुलिस आयुक्त ने बताया कि इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ये लोग लंबे समय तक भारत में रह रहे थे और सामान्य नागरिकों की तरह काम कर रहे थे।

कोर्ट से सजा पूरी होने के बाद रिहाई का आदेश

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपितों ने विदेशी अधिनियम के तहत मिली तीन साल की सजा पूरी कर ली है। सजा पूरी होने के बाद कोर्ट से उनकी रिहाई के आदेश भी जारी हो चुके हैं। नियमों के अनुसार, सजा पूरी करने के बाद विदेशी नागरिकों को भारत में नहीं रखा जा सकता और उन्हें उनके देश वापस भेजना अनिवार्य होता है।

बीएसएफ से पहले ही किया गया समन्वय

डिपोर्टेशन प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए आगरा पुलिस ने पहले ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) से समन्वय स्थापित कर लिया है। गुरुवार को स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) की एक टीम जिला जेल पहुंची और संबंधित सभी बांग्लादेशी नागरिकों की जानकारी जुटाई। पुलिस के मुताबिक, जिला जेल में 23 पुरुष और सात महिलाएं बंद हैं, जबकि शेष आठ नाबालिग आश्रय गृह में रह रहे हैं। सभी की पहचान, दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

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बांग्लादेशी एजेंसियों को भी दी गई सूचना

पुलिस प्रशासन का कहना है कि बीएसएफ अधिकारियों ने डिपोर्टेशन की सूचना बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियों को भी पहले ही दे दी है। दोनों देशों के बीच तय प्रक्रिया और प्रोटोकॉल के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी आगरा जिले से कई बार अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है। इस बार भी पूरी प्रक्रिया मानकों के अनुसार और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी की जाएगी।

सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम

10 जनवरी को जब आगरा पुलिस सभी 38 बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना होगी, उस दौरान विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे रास्ते निगरानी रखी जाएगी और किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।

Location : 
  • Agra

Published : 
  • 9 January 2026, 1:37 PM IST

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