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आगरा के नुनिहाई इलाके में दिल्ली से आई आयकर विभाग की टीमों ने दो बड़ी कंपनियों पर छापा मारा। टैक्स गड़बड़ी की आशंका के बीच दस्तावेज, डिजिटल डेटा और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच चल रही है। ED की नजर पैसों के असली इस्तेमाल पर है, जबकि किसी की गिरफ्तारी फिलहाल नहीं हुई है।
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Agra: आगरा की सुबह उस वक्त सन्न रह गई, जब दिल्ली से आई केंद्रीय टीमों ने शहर की दो बड़ी कंपनियों पर अचानक धावा बोल दिया। नुनिहाई इलाके में स्थित इन कंपनियों के बाहर गाड़ियों की कतार और भीतर चल रही पूछताछ ने माहौल को पूरी तरह क्राइम टोन में बदल दिया। सूत्रों के मुताबिक टैक्स से जुड़ी गड़बड़ियों की पुख्ता सूचना के बाद यह कार्रवाई की गई, जिसने कारोबारी गलियारों में हलचल मचा दी।
क्या है पूरा मामला?
आयकर विभाग की टीमें दिल्ली से सीधे आगरा पहुंची और बिना किसी शोर-शराबे के दोनों कंपनियों के परिसरों में जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि इन कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड, लेन-देन और रिटर्न से जुड़ी जानकारी में अनियमितताओं की आशंका थी। कार्रवाई के दौरान स्थानीय आयकर या प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया, जिससे यह साफ है कि ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय रखा गया।
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जांच का फोकस
छापेमारी के दौरान टीमों का जोर कागजी दस्तावेजों के साथ-साथ डिजिटल डेटा पर रहा। कंप्यूटर, सर्वर, ईमेल रिकॉर्ड और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की टीम की दिलचस्पी इस बात में है कि जिन रकमों का लेन-देन हुआ, उनका असली इस्तेमाल किन-किन जगहों पर किया गया। मनी ट्रेल को समझने के लिए लेयरिंग और रूटिंग की भी जांच की जा रही है।
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तीसरी फर्म पर भी नजर
इन दो कंपनियों के अलावा आगरा की एक जानी-मानी फर्म पर भी कार्रवाई की सूचना मिल रही है। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ सकता है और आने वाले दिनों में और ठिकानों पर भी टीम पहुंच सकती है।
फिलहाल स्थिति क्या है
अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच जारी है और टीमें हर पहलू को खंगाल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा। शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं और कारोबारी जगत सतर्क नजर आ रहा है।