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मैनपुरी में प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने प्रेसवार्ता कर यूपी सरकार के दसवें बजट को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि बजट का धन समय सीमा में खर्च हो रहा है। विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए एआई समिट की सराहना की। शंकराचार्य प्रकरण पर बोले कि कानून सबके लिए समान है और न्यायालय ही सत्य तय करेगा।
एआई और कानून पर मंत्री के बड़े बयान
Mainpuri: उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं मैनपुरी के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार के दसवें बजट की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसकी कुल धनराशि 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
मंत्री ने दावा किया कि सरकार द्वारा आवंटित बजट का उपयोग सभी विभागों में तय समयसीमा के भीतर और सही अनुपात में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य प्रदेश में आधारभूत ढांचे, रोजगार, डिजिटल सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देना है।
विपक्ष के उस आरोप पर कि पिछले बजट का आधा भी खर्च नहीं हुआ, मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल है और उसे सही जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और हर विभाग को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार बजट उपलब्ध कराया गया है।
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प्रोफेसर रामगोपाल यादव के एआई समिट संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह बयान वर्तमान परिस्थितियों के विपरीत है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित एआई समिट देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज वैश्विक आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भारत विश्व में अग्रणी है।
शंकराचार्य से जुड़े विवाद और एफआईआर के सवाल पर मंत्री ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कुछ मार्गों पर आवागमन नियंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि सरकार का पहला दायित्व जन सुरक्षा है और यदि किसी भी व्यक्ति की गतिविधि से जनहानि की आशंका होती है तो प्रशासन आवश्यक कार्रवाई करेगा।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए समान है और किसी पर भी आरोप लगने की स्थिति में एफआईआर दर्ज होना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि मामले की सत्यता का निर्णय न्यायालय करेगा, न कि सरकार। प्रेसवार्ता के दौरान मंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य विकास, सुरक्षा और सुशासन है तथा विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।