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मुजफ्फरनगर के देहरादून कॉलोनी तिराहे पर निर्माणाधीन मेरठ-पौड़ी हाईवे फ्लाईओवर के पास अंडरपास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ का धरना तेज हो गया है। ग्रामीणों ने बिना अंडरपास आवागमन बाधित होने की आशंका जताई है। संगठन ने प्रशासन पर अनदेखी और पुलिस बल के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
देहरादून कॉलोनी में धरना प्रदर्शन तेज
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर में देहरादून कॉलोनी तिराहे पर निर्माणाधीन मेरठ-पौड़ी हाईवे फ्लाईओवर के पास अंडरपास की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के बैनर तले ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। किसानों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि अंडरपास का निर्माण नहीं हुआ तो आसपास के गांवों के लोगों को सड़क पार करने और रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों के अनुसार स्कूली बच्चों, किसानों और दुपहिया वाहन चालकों के लिए फ्लाईओवर के नीचे सुरक्षित मार्ग बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि बिना अंडरपास के उन्हें कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होगी।
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जनभावनाओं की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार ज्ञापन देने और बातचीत के बावजूद अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
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संघ के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने निजी स्वार्थों के चलते अंडरपास की मांग को नजरअंदाज किया है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक धरना समाप्त कराने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया गया और देर रात कुछ ग्रामीणों को नजरबंद भी किया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
भारतीय किसान संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन के जिला मंत्री डॉ. सतेंद्र कुमार ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को मेरठ प्रांत स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। साथ ही एनएचएआई के अधिकारियों और कार्रवाई में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग भी उठाई गई है। फिलहाल ग्रामीणों का धरना जारी है और वे अंडरपास निर्माण की स्पष्ट घोषणा होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन और किसानों के बीच टकराव की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।