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आगरा में मुंबई के कारोबारी के अपहरण की कहानी पुलिस जांच में झूठी निकली। CCTV, बैंक डिटेल और पूछताछ में फेसबुक दोस्ती और वीडियो विवाद की सच्चाई सामने आई।
Agra Police
Agra: अपहरण, मारपीट और लाखों की वसूली… पहली नजर में मामला किसी खौफनाक क्राइम से कम नहीं था। एक कारोबारी थाने पहुंचा, आंखों में डर और जुबान पर दहशत की कहानी। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, वैसे-वैसे इस सनसनीखेज वारदात की परतें खुलती चली गई। आगरा के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला अब अपहरण नहीं, बल्कि झूठ, दोस्ती और विवाद की कहानी बन चुका है।
रामबाग चौराहे से शुरू हुई कहानी
मुंबई के संगम अपार्टमेंट निवासी साड़ी व्यापारी 6 जनवरी को आगरा पहुंचे थे। बुधवार रात वह व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल के साथ थाना एत्माद्दौला पहुंचे और आरोप लगाया कि रामबाग चौराहे से नीले रंग की कार में सवार दो लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। उनका दावा था कि उन्हें हाथरस ले जाकर पीटा गया, गोली मारने की धमकी दी गई और मोबाइल, अंगूठी व रुपये लूट लिए गए। साथ ही 2 लाख रुपये की मांग कर 1.20 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर कराए गए।
CCTV और बैंक डिटेल ने खोला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। रामबाग चौराहे के CCTV फुटेज खंगाले गए। फुटेज में कारोबारी खुद अपनी मर्जी से नीली कार में बैठते नजर आए। जिस खाते में 1.20 लाख रुपये ट्रांसफर हुए, वह हाथरस निवासी रामेश्वर के नाम पर निकला। बैंक डिटेल से मोबाइल नंबर मिला और फिर तस्वीर सामने आई।
फेसबुक दोस्ती और समलैंगिक रिश्ता
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के मुताबिक फोटो दिखाए जाने पर कारोबारी ने आरोपी की पहचान कर ली। इसके बाद पुलिस ने चंदपा थाना क्षेत्र से रामेश्वर को गिरफ्तार किया और उसके चार साथियों को भी पकड़ लिया। पूछताछ में रामेश्वर ने बताया कि वह समलैंगिक है और कारोबारी से उसकी पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी। दोनों लंबे समय से संपर्क में थे और एक-दूसरे के बारे में सब जानते थे।
कार में वीडियो बना, वहीं बिगड़ा मामला
आरोपी के मुताबिक रामेश्वर अपने मामा की कार लेकर रामबाग पहुंचा था। कार में बैठते ही कारोबारी ने उसके कपड़े उतरवाए और मोबाइल से वीडियो बनाने लगा। मना करने पर विवाद बढ़ गया और मारपीट हुई। हाथरस पहुंचने पर अन्य साथी भी आ गए। गुस्से में उन्होंने मोबाइल और रुपये छीन लिए और कारोबारी को खेत में ले जाकर पीटा।
पुलिस जांच में खुली पूरी साजिश
आरोपियों को लगा कि कारोबारी अपनी पहचान के चलते शिकायत नहीं करेगा, लेकिन उसने अपहरण की कहानी बनाकर पुलिस को सूचना दे दी। गहन जांच में पूरा मामला सामने आ गया। फिलहाल पुलिस सभी पांच आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।