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भीलवाड़ा में एसपी कार्यालय के सामने युवती का सरेआम अपहरण होने से हड़कंप मच गया। ब्लैक स्कॉर्पियो सवार बदमाश पुलिस को कुचलने का प्रयास करते हुए फरार हो गए। घटना ने हाई-सिक्योरिटी जोन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसपी बंगले के सामने युवती का अपहरण
Bhilwara: राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में बुधवार देर शाम कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के बंगले के ठीक सामने, महज 50 मीटर की दूरी पर एक युवती का सरेआम अपहरण कर लिया गया। कलेक्ट्रेट परिसर और एसपी कार्यालय जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में हुई इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, एसपी कार्यालय से बाहर निकलते ही एक ब्लैक स्कॉर्पियो अचानक वहां आकर रुकी। गाड़ी में सवार बदमाशों ने बिना किसी डर के युवती को जबरन पकड़कर खींचा और स्कॉर्पियो में डाल लिया। पूरी घटना कुछ ही सेकेंड में अंजाम दी गई। बदमाश तेज रफ्तार में वाहन लेकर मौके से फरार हो गए।
घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल स्कॉर्पियो को रोकने का प्रयास किया। विशेष शाखा में तैनात एएसआई प्रताप सिंह, महेंद्र सिंह और उदयलाल ने चलती गाड़ी के सामने खड़े होकर उसे रोकना चाहा, लेकिन आरोप है कि बदमाशों ने गाड़ी की रफ्तार और बढ़ा दी। पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया गया, हालांकि सभी बाल-बाल बच गए। इस दौरान एएसआई प्रताप सिंह का मोबाइल सड़क पर गिरकर टूट गया।
घटनास्थल पर मौजूद दो वकीलों ने भी साहस दिखाते हुए स्कॉर्पियो को रोकने की कोशिश की, लेकिन बदमाश उन्हें चकमा देकर फरार हो गए। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने रास्ते में एक बाइक सवार को भी कुचलने का प्रयास किया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए कलेक्ट्रेट रोड पर यातायात भी प्रभावित रहा।
बताया गया है कि अपहृत युवती ने पांच दिन पहले घर से भागकर लखमणियास निवासी गोपाल जाट के साथ मंदिर में विवाह किया था। शादी के बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। इस विवाह से युवती का पीहर पक्ष नाराज चल रहा था और लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
हालात इतने बिगड़ गए थे कि युवती ने अपने ही परिजनों से जान का खतरा बताते हुए एक शपथ पत्र तैयार कराया था। इसी शपथ पत्र के साथ वह अपने पति के साथ एसपी कार्यालय पहुंची थी ताकि पुलिस को बयान देकर सुरक्षा की मांग कर सके। बयान दर्ज कराने के बाद जैसे ही दंपती कार्यालय से बाहर निकले, तभी यह सनसनीखेज वारदात हो गई।
युवती के ससुराल पक्ष ने आरोप लगाया है कि स्कॉर्पियो में सवार लोग युवती के पीहर पक्ष से जुड़े हुए थे। उनका कहना है कि परिवार वाले इस शादी से खुश नहीं थे और लगातार धमकियां दे रहे थे। ससुराल पक्ष का आरोप है कि यह अपहरण पूर्व नियोजित था और पुलिस कार्यालय के बाहर ही अंजाम दिया गया।
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घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिलेभर में नाकाबंदी करवाई गई और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की गई। पुलिस ने ब्लैक स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही कुछ आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया है।
एडिशनल एसपी पारस जैन ने बताया कि युवती को सुरक्षित डिटेन कर लिया गया है। मामले में अपहरण, जानलेवा हमला और राजकार्य में बाधा डालने की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।