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पान मसाला की फैक्ट्रियों में बड़ा खेल! (IMG: Dynamite News)
Lucknow/Kanpur: पान मसाला खाने वालों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है। उत्तर प्रदेश में पान मसाला निर्माण इकाइयों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में ऐसी सामग्री सामने आई है, जिसको लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने गंभीर सवाल उठाए हैं। लखनऊ और कानपुर में हुई जांच के दौरान कई इकाइयों में औद्योगिक चूना, मैग्नीशियम कार्बोनेट, गैम्बियर, लिक्विड पैराफिन और प्रतिबंधित रंग से रंगी सुपारी जैसी सामग्री मिलने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान 15.70 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत का संदिग्ध पान मसाला और अन्य सामग्री जब्त की गई है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की अपर आयुक्त रेखा एस चौहान के नेतृत्व में कानपुर नगर और लखनऊ में विशेष अभियान चलाया गया। इसके लिए 52 खाद्य सचल दलों को लगाया गया। अभियान के दौरान कुल 55 पान मसाला निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों के मुताबिक इनमें से 19 इकाइयां मौके पर संचालित मिलीं, जबकि 36 इकाइयां अलग-अलग कारणों से बंद मिलीं।
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा टीमों को पान मसाला निर्माण में इस्तेमाल होने वाली संदिग्ध सामग्री मिली। विभाग के मुताबिक कुछ इकाइयों में औद्योगिक चूना, मैग्नीशियम कार्बोनेट, गैम्बियर और लिक्विड पैराफिन जैसी सामग्री पाई गई। इसके अलावा प्रतिबंधित रंग से रंगी सुपारी मिलने की भी बात सामने आई है। खाद्य विभाग का कहना है कि इस तरह की मिलावट स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है और कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है।
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अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने 339.69 क्विंटल से ज्यादा संदिग्ध खाद्य पदार्थ और अपमिश्रक जब्त किए। इनकी अनुमानित कीमत 15.70 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इसके अलावा टीमों ने अलग-अलग उत्पादों के कुल 92 नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां उनकी गुणवत्ता और उनमें मौजूद सामग्री की जांच की जाएगी। वहीं ऐसी सामग्री जो खराब हो चुकी थी या जल्दी खराब होने वाली थी, उसे भी मौके पर नष्ट कराया गया। विभाग के मुताबिक करीब 36.15 क्विंटल सामग्री नष्ट की गई, जिसकी कीमत लगभग 10.18 लाख रुपये थी।
कानपुर नगर में ग्रीनवर्थ इंटरप्राइजेज के एसएनके ब्रांड को लेकर भी विभाग ने कार्रवाई की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर इकाई का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया और खाद्य कारोबार बंद करा दिया गया। इसी तरह राधा रानी फ्रेगरेंस के परिसर में एक ही जगह पान मसाला और तंबाकू का निर्माण होता मिला। विभाग ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए परिसर को सील कर दिया।
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लखनऊ में भी जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। राज किशोर सन्स के आरके ब्रांड का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है। इसके अलावा सत्य नारायण केशो राम प्राइवेट लिमिटेड के कलश ब्रांड के खिलाफ भी लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई है। विभाग की कार्रवाई के बाद इन इकाइयों को अपने कारोबार और उत्पादों से जुड़े नियमों का जवाब देना होगा।
जांच के दौरान लिए गए 92 नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी। प्रयोगशाला जांच में अगर प्रतिबंधित या मानकों के विपरीत सामग्री की पुष्टि होती है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
Location : Lucknow/Kanpur
Published : 23 August 2026, 5:14 PM IST