मानसून सत्र खत्म करने में देरी क्यों? जयराम ने अमित शाह से पूछे तीखे सवाल

संसद के मानसून सत्र के औपचारिक समापन में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि क्या सरकार विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है?

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 23 August 2026, 5:56 PM IST
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New Delhi: संसद का मानसून सत्र खत्म हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका औपचारिक समापन यानी सत्रावसान नहीं हुआ है। इसी देरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि आखिर सरकार सत्रावसान में इतनी देरी क्यों कर रही है और क्या इसके पीछे परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को विशेष सत्र में पारित कराने की कोई तैयारी चल रही है?

जयराम रमेश ने उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने और सत्रावसान के बीच आमतौर पर दो से चार दिन का अंतर होता है, लेकिन इस बार 10 दिन बीतने के बाद भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। रमेश ने सवाल किया कि इस असामान्य देरी की वजह क्या है? उन्होंने पूछा कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब भी परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को विशेष सत्र में पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं?

सत्रावसान की प्रक्रिया पर भी दिया हवाला

कांग्रेस नेता ने संसद की कार्यवाही से जुड़ी किताब 'प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर ऑफ पार्लियामेंट' का हवाला देते हुए कहा कि सत्रावसान राष्ट्रपति के आदेश से होता है। संविधान के अनुच्छेद 85(2) के तहत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर सदन का सत्र समाप्त करते हैं। किताब में बताया गया है कि आमतौर पर सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद सत्रावसान किया जाता है। दोनों प्रक्रियाओं के बीच का समय 'इंटर-सेशन पीरियड' कहलाता है।

परिसीमन बिल को लेकर पहले भी हुई थी सियासत

कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है कि सरकार परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन उसके पास जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष की एकजुटता के कारण सरकार यह कदम नहीं उठा पाई। मानसून सत्र समाप्त होने के बाद जयराम रमेश ने कहा था कि सरकार के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है और उसे यह कभी नहीं मिलेगा।

सीटों की संख्या और महिला आरक्षण पर कांग्रेस की मांग

कांग्रेस ने हाल ही में मांग की थी कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या को अगले 25 वर्षों तक बरकरार रखा जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद जयराम रमेश ने कहा था कि परिसीमन के बाद सीटों के नए निर्धारण को लेकर राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। पार्टी ने महिलाओं के आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग दोहराई।

सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ सकती है तकरार

महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा आने वाले दिनों में एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है। इससे पहले भी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिसीमन विधेयक को लेकर विपक्ष से समर्थन की अपील को 'नाटक' बताया था। अब संसद सत्रावसान में देरी को लेकर उठे सवालों के बाद केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।

Location :  New Delhi

Published :  23 August 2026, 5:56 PM IST

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