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परिसीमन पर कांग्रेस का रुख साफ (Img: X)
New Delhi: सीनियर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने लोकसभा सीटों के प्रस्तावित परिसीमन (delimitation) पर पार्टी का रुख साफ किया है। उनका कहना है कि लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या 543 में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि तमिलनाडु की 39 सीटें बरकरार रखी जाएं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखते हुए, पी. चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि अगले 25 सालों तक लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, परिसीमन के दौरान सीटों की संख्या बढ़ाने से राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ सकता है।
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उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव का भी समर्थन किया। चिदंबरम ने कहा कि इस मुद्दे पर विधानसभा का रुख कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की सोच से मेल खाता है।
दक्षिण भारतीय राज्यों से जुड़े मुद्दे पर बात करते हुए चिदंबरम ने बताया कि तमिलनाडु सहित कई राज्यों ने परिवार नियोजन कार्यक्रमों को गंभीरता से लागू किया है। नतीजतन अगर भविष्य में लोकसभा सीटों का आवंटन केवल आबादी के आधार पर किया जाता है, तो इन राज्यों को नुकसान हो सकता है। उनका तर्क है कि जिन राज्यों ने आबादी वृद्धि को नियंत्रित करने में अच्छा प्रदर्शन किया है, उनके लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कमी का सामना करना अनुचित होगा।
कांग्रेस नेता ने लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ने को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर सदन का आकार बहुत बड़ा हो जाता है, तो संसद में कानूनों और विधेयकों पर गंभीर चर्चा और समीक्षा करना मुश्किल हो सकता है। उन्हें डर है कि ऐसी स्थिति में लोकसभा एक प्रभावी विधायी निकाय के बजाय एक 'जनसभा' जैसी लगने लगेगी।
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चिदंबरम ने महिला आरक्षण पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि लोकसभा सीटों की कुल संख्या बढ़ाए बिना मौजूदा 543 सीटों के भीतर ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता है। इस हिसाब से, लगभग 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। चिदंबरम का मानना है कि महिला आरक्षण लागू करने के लिए लोकसभा का आकार बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है; इसे मौजूदा सीटों की संख्या के भीतर लागू किया जा सकता है।
Location : New Delhi
Published : 21 August 2026, 11:34 AM IST