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बलिया सीएमओ कार्यालय (सोर्स- Pinterest)
Ballia: बलिया के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में उस समय अफरातफरी मच गई, जब रसड़ा की एक निलंबित एएनएम की फर्जी नियुक्ति का मामला तूल पकड़ गया। इस प्रकरण को लेकर कार्यालय परिसर में काफी देर तक गहमागहमी और तीखी नोकझोंक जारी रही।
स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार, चिकित्सा निदेशक की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में संबंधित एएनएम की नियुक्ति पूरी तरह फर्जी पाई गई है। निदेशक ने सीएमओ कार्यालय को यह निर्देश दिया था कि इस फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए समाचार पत्रों में आरोपी एएनएम का आरोप प्रकाशित कराया जाए और इसके बाद 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा जाए। हालांकि, यह महत्वपूर्ण पत्र कई महीनों से ठंडे बस्ते में लटका हुआ है, जिस पर अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
गुरुवार को जब सीएमओ डॉ अभय नारायण राय के कक्ष में मामले से जुड़े एक पैरोकार और अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही थी, तभी माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। चर्चा के दौरान स्वास्थ्य विभाग के चर्चित वरिष्ठ लिपिक दयाशंकर की ओर से कुछ टिप्पणियां किए जाने पर विवाद बढ़ गया। उनके बोलते ही कार्यालय में जमकर हंगामा शुरू हो गया, जिससे प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई।
हंगामे के बाद कार्यालय के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच निदेशक के पत्र के अनुपालन और आगामी कानूनी व विभागीय कार्रवाई को लेकर लगातार चर्चा होती रही। इस पूरे घटनाक्रम में नियुक्ति से जुड़े मूल दस्तावेजों और निदेशक के निर्देशों के आलोक में वास्तविक स्थिति क्या है, यह विस्तृत जांच और आधिकारिक अभिलेखों के सार्वजनिक होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
Location : Ballia
Published : 21 August 2026, 11:16 AM IST