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जिले में आयोजित एमपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। थाना कोतवाली सदर क्षेत्र से जुड़े इस मामले में पीड़ित टीम ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर धोखाधड़ी, जातिसूचक टिप्पणी और इनाम की राशि न दिए जाने का आरोप लगाया है।
एमपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट में गंभीर आरोप
Mainpuri: जिले में आयोजित एमपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। थाना कोतवाली सदर क्षेत्र से जुड़े इस मामले में पीड़ित टीम ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर धोखाधड़ी, जातिसूचक टिप्पणी और इनाम की राशि न दिए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
टूर्नामेंट का आयोजन और एंट्री फीस
जानकारी के अनुसार, एकता क्रिकेट क्लब के मालिक नीरज कुमार ने बताया कि 15 दिसंबर 2025 से 23 दिसंबर 2025 के बीच मैनपुरी के कृष्णा फील्ड में एमपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया गया था। इस टूर्नामेंट में प्रतिभाग करने के लिए पीड़ित टीम ने 32 हजार रुपये की एंट्री फीस जमा की थी।
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विजेता टीम को हार घोषित करने का आरोप
पीड़ित टीम ने आरोप लगाया कि टूर्नामेंट के आयोजक और क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी जानबूझकर पक्षपात कर रहे थे। फाइनल मुकाबले में पीड़ित टीम विजेता होने के बावजूद हार घोषित कर दी गई। इस फैसले के खिलाफ टीम ने विरोध जताया, लेकिन अंपायरिंग में गड़बड़ी और पक्षपात की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया।
जातिसूचक भेदभाव का आरोप
पीड़ित टीम का कहना है कि वे अनुसूचित जाति से हैं और इसी कारण शुरू से ही उनके साथ भेदभाव किया गया। मैच के दौरान विरोध करने पर आयोजकों और अंपायर ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इस मामले ने टीम के सदस्यों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
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इनामी राशि न मिलने का मामला
इसके अलावा, विजेता टीम को मिलने वाली 60 हजार रुपये की इनामी राशि और उपविजेता की 1 लाख रुपये की घोषित राशि भी टीम को नहीं दी गई। प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया कि आयोजकों ने यह कहकर मामला टाल दिया कि “सुपर ओवर चल रहा है”, जबकि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं था।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पीड़ित टीम ने पुलिस से मांग की है कि आरोपितों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए और उनकी जीती हुई पूरी इनामी राशि उन्हें दिलाई जाए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया
इस घटना से स्थानीय क्रिकेट समुदाय और आम लोग भी चिंतित हैं। कई लोगों ने आयोजकों के रवैये की आलोचना की है और उम्मीद जताई है कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। यह मामला न केवल खेल भावना के लिए बल्कि सामाजिक समानता और न्याय के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।