राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ‘भगवान जाने उन्होंने क्या बताया…’, SIT की सख्ती के बाद गोपाल राव ने खोली थी जुबान…

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में अब चंपत राय की डायरी के कुछ अंश सामने आने के बाद जांच को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं। डायरी में SIT Investigation और पूछताछ की प्रक्रिया को लेकर कई अहम बातें दर्ज होने का दावा किया गया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 24 August 2026, 11:28 AM IST
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Ayodhya: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में अब चंपत राय की डायरी के कुछ अंश सामने आने के बाद जांच को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं। डायरी में SIT Investigation और पूछताछ की प्रक्रिया को लेकर कई अहम बातें दर्ज होने का दावा किया गया है।

डायरी के मुताबिक, जांच के दौरान SIT ने कई लोगों से पूछताछ की थी। इसमें गोपाल राव से हुई बातचीत का भी जिक्र है। दावा किया गया है कि शुरुआती पूछताछ में गोपाल राव कुछ जानकारी देने से बचते रहे, लेकिन सख्ती के बाद उन्होंने SIT को कुछ बातें बताईं।

'गोपाल राव ने क्या बताया, भगवान जाने'

चंपत राय की डायरी में लिखा गया है कि गोपाल राव ने SIT को आखिर क्या जानकारी दी, इसकी पूरी जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने डायरी में टिप्पणी करते हुए लिखा कि "क्या बताया, भगवान जाने।"

हालांकि, चंपत राय ने इस जानकारी की पुष्टि पर भी सवाल उठाए हैं। डायरी में उन्होंने लिखा कि संभव है कि गोपाल राव के संबंध में उन्हें मिली सूचना गलत हो। यानी यह बात उनके व्यक्तिगत अनुभव के बजाय किसी अन्य माध्यम से मिली जानकारी के रूप में दर्ज की गई थी।

SIT ने अयोध्या में तीन बार की जांच

डायरी के अनुसार, SIT Team 16 जून से 16 जुलाई के बीच तीन बार अयोध्या पहुंची थी। इससे पहले 15 जून को चंपत राय से करीब चार से पांच घंटे तक अकेले में बातचीत की गई थी।

इसके बाद SIT ने चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र से संयुक्त रूप से बातचीत की। एक बैठक में गोपाल राव के मौजूद रहने का भी उल्लेख किया गया है।

50 से 60 लोगों से पूछताछ का दावा

चंपत राय ने अपनी डायरी में लिखा है कि उनके अनुमान के अनुसार SIT ने जांच के दौरान करीब 50 से 60 लोगों से पूछताछ की थी।

जांच एजेंसी ने जिन दस्तावेजों और रिकॉर्ड की मांग की, उन्हें उपलब्ध कराया गया और पूछे गए सवालों के जवाब दिए गए। डायरी में SIT के साथ हुए पत्राचार का भी उल्लेख है।

SIT को भेजा गया पत्र और रिपोर्ट का जिक्र

डायरी के मुताबिक, 6 जुलाई को चंपत राय ने SIT को एक पत्र भेजा था। उन्हें आशंका थी कि बातचीत के दौरान बताई गई कोई महत्वपूर्ण जानकारी जांच टीम से छूट न गई हो।

इसी वजह से उन्होंने सभी जरूरी बातों को लिखित रूप में SIT को भेज दिया। हालांकि, चंपत राय के अनुसार, उसी रात SIT की "गोपनीय प्रारंभिक रिपोर्ट" सार्वजनिक हो गई।

उन्होंने रिपोर्ट देखने के बाद पाया कि पत्र में लिखी गई कई बातें पहले से ही रिपोर्ट में शामिल थीं। इसके बाद उन्होंने अपने पत्र को अर्थहीन बताया।

ट्रस्टियों से संपर्क के लिए SIT को उपलब्ध कराए नंबर

डायरी में यह भी दावा किया गया है कि CA अक्षय शुक्ला ने चंपत राय को बताया था कि कई ट्रस्टी SIT के फोन का जवाब नहीं दे रहे हैं।

इसके बाद चंपत राय ने सभी ट्रस्टियों के संपर्क नंबर उपलब्ध कराए। अक्षय शुक्ला ने ये नंबर SIT के सदस्य विश्वास पंत और किरण एस. को भेज दिए।

इसके बाद इस मामले में आगे कोई जानकारी नहीं मिलने का जिक्र डायरी में किया गया है।

गोविंद देव गिरि से बातचीत के लिए SIT ने मांगा था नंबर

डायरी के अनुसार, SIT सदस्य विश्वास पंत ने एक बार गोविंद देव गिरि का मोबाइल नंबर मांगा था, जिसे चंपत राय ने उपलब्ध कराया।

इसके बाद उन्होंने स्वामी जी को लिखित संदेश भेजकर बताया कि SIT उनसे बातचीत करना चाहती है। जवाब में स्वामी जी ने बातचीत पूरी होने की जानकारी दी।

90 मूल्यवान वस्तुओं का हुआ सत्यापन

चंपत राय की डायरी में SIT जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट की मूल्यवान वस्तुओं के रिकॉर्ड सत्यापन का भी उल्लेख है।

डायरी के अनुसार, राजस्व विभाग से जुड़े SIT सदस्य नील रतन ने तीन चरणों में रिकॉर्ड का मिलान किया।

  • पहले चरण में 15 मूल्यवान वस्तुओं की जांच की गई और वे रिकॉर्ड के अनुसार सही मिलीं।
  • दूसरे चरण में 25 वस्तुओं का सत्यापन हुआ, जो भी सही पाई गईं।
  • तीसरे चरण में 50 मूल्यवान वस्तुओं का मिलान किया गया और वे भी रिकॉर्ड के मुताबिक सही मिलीं।

इस तरह कुल 90 मूल्यवान वस्तुओं के सत्यापन का उल्लेख डायरी में किया गया है।

Location :  Ayodhya

Published :  24 August 2026, 11:25 AM IST

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