यूपी राज्यसभा चुनाव में टर्नओवर: 9 पर्चे खरीदकर भाजपा ने बढ़ाई हलचल, नामों पर सस्पेंस जारी

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा हाई है। सपा ने दो प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि भाजपा ने 9 पर्चे खरीदे हैं पर नामों पर चुप्पी साधी है। जोड़-तोड़ और बहुमत के इस खेल में भाजपा की असली रणनीति का सभी को इंतजार है।

Updated : 5 October 2026, 10:11 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ चुका है। सपा और भाजपा दोनों ही दलों के खेमों में हलचल तेज है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि भाजपा की आखिरकार असली रणनीति क्या है? समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने पत्ते खोलते हुए दो प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है, जबकि तीसरे उम्मीदवार पर अभी भी संशय बरकरार है। इसके उलट, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 9 पर्चे तो खरीद लिए हैं, लेकिन अभी तक अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। इस चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

सपा की चाल और भाजपा के 9 पर्चे

राज्यसभा की कुल 10 सीटों पर होने वाले इस चुनाव में दोनों ही दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं। सपा की तरफ से यह दावा किया जा रहा है कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों के कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं। वहीं, डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने इन दावों पर पलटवार करते हुए कहा है कि असली सरप्राइज सपा नहीं बल्कि भाजपा देगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सपा के 25 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे दोनों दलों की तरफ से एक-दूसरे पर दबाव बनाने की सोची-समझी रणनीति मान रहे हैं।

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जोड़-तोड़ का खेल और अंतिम समय का इंतजार

भाजपा द्वारा 9 पर्चे खरीदे जाने से इस मुकाबले का रोमांच और बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस बात का इंतजार कर रही है कि समाजवादी पार्टी अपना तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारती है या नहीं। यदि सपा तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारती है, तो भाजपा के आठवें उम्मीदवार की जीत का रास्ता अपने आप साफ हो जाएगा। हालांकि, चर्चा यह भी है कि भाजपा पर्दे के पीछे अपनी स्थिति को पूरी तरह मजबूत करने में जुटी है। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर हाल में उसका आठवां प्रत्याशी भी चुनाव जीते। पुख्ता इंतजाम करने के बाद ही पार्टी अपने पत्ते खोलना चाहती है, और यही वजह है कि प्रत्याशियों के नामों के ऐलान में विलंब हो रहा है।

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अंकों का गणित और मुख्य मुकाबला

अगर मौजूदा संख्या बल और समीकरणों पर नजर डालें, तो कुल 10 सीटों में से पिछली बार 8 सीटें भाजपा के पास, और एक-एक सीट सपा व बसपा के पास थीं। मौजूदा समीकरणों के आधार पर भाजपा आसानी से अपनी 7 सीटें जीत सकती है, और दूसरी प्राथमिकता के वोटों के दम पर वह आठवीं सीट भी मैनेज कर सकती है। वहीं दूसरी ओर, संख्या बल के हिसाब से समाजवादी पार्टी भी दो सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में है। फिलहाल असली मुकाबला भाजपा की रणनीति और जोड़-तोड़ के इस खेल के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Location :  Lucknow

Published :  5 October 2026, 10:11 AM IST

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