रायबरेली: स्कूल वैन पलटने से मची चीख-पुकार, 20 मासूमों की जान खतरे में

रायबरेली जिले के हरचंदपुर-महाराजगंज मार्ग पर आज सुबह करीब 9:00 बजे एक गंभीर हादसा हुआ। एक निजी स्कूल की वैन, जिसमें क्षमता से दोगुना लगभग 20 बच्चे सवार थे, तेज रफ्तार होने के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 February 2026, 11:49 AM IST
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Raebareli: रायबरेली जिले के हरचंदपुर-महाराजगंज मार्ग पर आज सुबह करीब 9:00 बजे एक गंभीर हादसा हुआ। एक निजी स्कूल की वैन, जिसमें क्षमता से दोगुना लगभग 20 बच्चे सवार थे, तेज रफ्तार होने के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। वैन पलटते ही बच्चों की चीख-पुकार से आसपास का माहौल डरावना हो गया। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों की मदद शुरू की।

घायलों की स्थिति और प्राथमिक इलाज

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वैन में सवार लगभग डेढ़ दर्जन बच्चे घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) हरचंदपुर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर रूप से घायल बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गंभीर बच्चों में काव्यांश राजपूत (5 वर्ष): पुत्र कमलेश कुमार, निवासी पूरे बैशन,  शिवम (11 वर्ष): पुत्र रामकुमार, निवासी नवीगंज शामिल है। बाकी बच्चों का इलाज हरचंदपुर CHC में किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश बच्चे सुरक्षित हैं, लेकिन हादसे के कारण वे मानसिक रूप से गहरे सदमे में हैं।

प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही

यह घटना निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। स्कूल ने मुनाफे के चक्कर में बच्चों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया। छोटी वैन में 20 बच्चों को बैठाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इसे एक "चलता-फिरता डेथ ट्रैप" भी कहा जा सकता है।

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अभिभावक और स्थानीय लोग इस लापरवाही से गुस्से में हैं और दोषी स्कूल प्रबंधन व वैन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि ओवरलोडेड स्कूली वाहनों और लापरवाह चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, अन्यथा मासूम बच्चों की जान हमेशा खतरे में रहेगी।

भविष्य के लिए चेतावनी

स्थानीय निवासी और स्कूल अभिभावक प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि डग्गामार व ओवरलोडेड स्कूली वाहनों पर नियंत्रण कड़ा किया जाए। इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने के लिए जरूरी है कि स्कूल वाहन क्षमता का पालन करें, तेज रफ्तार से बचें और नियमित सुरक्षा जांच सुनिश्चित करें।

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इस हादसे ने एक बार फिर उजागर कर दिया कि नियमों की अनदेखी और मुनाफाखोरी सीधे बच्चों की जिंदगी को खतरे में डालती है। प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की चुप्पी मासूमों के लिए बड़ा जोखिम बन सकती है।

Location : 
  • Raebareli

Published : 
  • 20 February 2026, 11:49 AM IST

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