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मेरठ के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में एक महिला ने ससुराल पक्ष पर हलाला के नाम पर शोषण और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। देवर से हलाला कराने के बाद अब पति के चाचा से निकाह का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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Meerut: पश्चिमी यूपी के मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली शमा नाम की महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। आरोप है कि तीन तलाक के बाद ससुराल पक्ष ने हलाला के नाम पर पहले देवर से निकाह कराया और अब पति के चाचा के साथ निकाह का दबाव बनाया जा रहा है। विरोध करने पर महिला को मारपीट कर बच्चे समेत घर से निकाल दिया गया।
सऊदी से लौटे पति ने दिया तीन तलाक
पीड़िता के मुताबिक उसका निकाह करीब साढ़े तीन साल पहले हुआ था। शादी के कुछ समय बाद पति नौकरी के लिए सऊदी अरब चला गया। एक साल बाद जब वह वापस लौटा तो दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा। इसी दौरान गुस्से में आकर पति ने उसे तीन तलाक दे दिया। इसके बाद महिला मायके में रहने लगी।
दोबारा साथ रहने की शर्त बनी ‘हलाला’
महिला का आरोप है कि परिवार और समाज के दबाव में दोबारा साथ रहने की बात हुई, लेकिन इसके लिए हलाला की शर्त रखी गई। आरोपी के अनुसार पहले उसका निकाह उसके सगे देवर से कराया गया। कुछ समय बाद देवर ने उसे तलाक दे दिया, जिसके बाद फिर से पहले पति के साथ निकाह हुआ। इस दौरान महिला ने एक बेटे को जन्म दिया।
अब चाचा से हलाला का दबाव
पीड़िता का कहना है कि अब पति ने उसे और उसके बेटे को अपनाने से इनकार कर दिया है। ससुराल पक्ष दोबारा हलाला की बात कर रहा है और इस बार पति के चाचा के साथ निकाह का दबाव बनाया जा रहा है। महिला ने इस मांग को साफ तौर पर ठुकरा दिया। आरोप है कि इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया।
एसएसपी से लगाई गुहार, जांच शुरू
महिला ने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी और अपने बच्चे की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और महिला को सुरक्षा देने का आश्वासन दिया गया है।