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देवरिया में 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। लार बाईपास और गौरीबाजार-हाटा मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से यह हादसे हुए।
भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत
Deoria: देवरिया जिले में तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके कारण पिछले 24 घंटे के अंदर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए सड़क हादसों में दो युवकों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, पहली घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे लार बाईपास पर हुई। जानकारी के मुताबिक सलेमपुर थाना क्षेत्र के बसीपार गांव के रहने वाले राजू यादव (27) पुत्र सुरेश और अनुराग यादव (24) पुत्र छोटेलाल बाइक से किसी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही वे लार बाईपास के पास पहुंचे, किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि राजू यादव की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। अनुराग यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर लार पुलिस मौके पर पहुंची और अनुराग को लार के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया। उसकी गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुलिस ने राजू यादव के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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दूसरी घटना शुक्रवार सुबह गौरीबाजार थाना एरिया में गौरीबाजार-हाटा रोड पर हुई। बखरा गांव के रहने वाले अमन का बेटा आर्यन निषाद (19) अपनी दुकान जा रहा था। जैसे ही वह बखरा इंटर कॉलेज के पास पहुंचा, तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी।
एक्सीडेंट में आर्यन निषाद की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आर्यन इस साल UP बोर्ड इंटरमीडिएट का एग्जाम दे रहा था। होनहार स्टूडेंट की असमय मौत से परिवार और गांव में दुख की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने दोनों बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला हेडक्वार्टर भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो रही है।
लगातार हो रहे रोड एक्सीडेंट से लोकल लोग गुस्से में हैं। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक नियमों का पालन न करना और तेज रफ्तार गाड़ियों पर कंट्रोल न होना इन एक्सीडेंट की मुख्य वजह है। स्पीड का यह कहर खासकर युवाओं के लिए जानलेवा बनता जा रहा है।
घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। प्रशासन से ट्रैफिक सुरक्षा बढ़ाने और तेज रफ्तार गाड़ियों के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हों।