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महराजगंज जिले में जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकियां कई गांवों में अधूरी पड़ी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदारों की लापरवाही से महीनों से काम बंद है और बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में है।
टंकी
Maharajganj: जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना अब सवालों के घेरे में है। “हर घर स्वच्छ जल” का सपना दिखाकर शुरू की गई इस योजना की हकीकत कई गांवों में अधूरी टंकियों के रूप में खड़ी नजर आ रही है। दर्जनों गांवों में पानी की टंकी का निर्माण आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। कहीं बाउंड्रीवाल नहीं है तो कहीं सिर्फ ढांचा खड़ा कर महीनों से काम बंद पड़ा है।
लक्ष्मीपुर ब्लॉक के बनरसिंहा खुर्द गांव के ग्रामीणों का कहना है कि टंकी का निर्माण शुरू हुए दो साल से ज्यादा हो गए, लेकिन आज तक काम पूरा नहीं हुआ। करीब छह महीने से साइट पर कोई काम नहीं हो रहा। बांस-बल्ली और निर्माण सामग्री जस की तस पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं है, बल्कि दर्जनों गांवों में यही हाल है।
सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा को लेकर है। टंकी के चारों ओर न तो बाउंड्री है और न ही कोई सुरक्षा इंतजाम। सीढ़ियों के रास्ते छोटे-छोटे बच्चे ऊपर चढ़कर खेलते रहते हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि अगर कोई हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? मौके पर कार्यदायी संस्था का कोई जिम्मेदार व्यक्ति भी तैनात नहीं है।
ग्रामीणों को उम्मीद थी कि योजना के तहत उन्हें साफ और नियमित पेयजल मिलेगा, लेकिन देरी ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। योजना का मकसद 2024-25 तक हर ग्रामीण परिवार को प्रतिदिन 55 लीटर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर नजर आ रही है। अब ग्रामीण प्रशासन से जल्द जांच और अधूरे कार्य को पूरा कराने की मांग कर रहे हैं।