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जिले में खमनोर थाना क्षेत्र के गांवगुड़ा में चमत्कार चौराहे पर मंगलवार दोपहर सरेआम तलवार व अन्य धारदार हथियारों से युवक के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। घटना के बाद गंभीर घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
युवक का मर्डर (Img Google)
Rajsamand: जिले के खमनोर थाना क्षेत्र में अपराधियों ने कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। सरेआम एक युवक की निर्मम हत्या कर दी। गांवगुड़ा स्थित चमत्कार चौराहे पर बेखौफ हमलावरों ने तलवार और अन्य धारदार हथियारों से युवक के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। वारदात के दौरान चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना में गंभीर रूप से घायल युवक को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत नाथद्वारा स्थित गोवर्धन राजकीय जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान झालों की मदार पंचायत के सरवड़ियों की भागल निवासी हिम्मत सिंह दसाणा पुत्र प्रताप सिंह दसाणा के रूप में हुई है।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। राजसमंद से अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कर जिलेभर में नाकाबंदी के निर्देश दिए। खमनोर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। हमलावरों की पहचान कर ली गई है।
नाथद्वारा पुलिस उप अधीक्षक शिप्रा राजावत भी मौके पर पहुंचीं और जांच की निगरानी की। हिम्मत सिंह को अस्पताल पहुंचाने वाले लक्ष्मण सिंह, मोहन सिंह सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने कुंभलगढ़ क्षेत्र के पासुन गांव के कुछ युवकों को नामजद किया है। उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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करणी सेना के अध्यक्ष सोहन सिंह गांवगुड़ा और खमनोर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष केसर सिंह गौड़ भी मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस अधिकारी लोगों को समझाने और हालात काबू में रखने में जुटे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि हिम्मत सिंह अपने परिवार का मुख्य और एकमात्र पालनहार था। उसके बड़े भाई शिव सिंह गुजरात में रहते हैं। दो छोटे भाई वजे सिंह और महेंद्र सिंह पढ़ाई के साथ छोटे-मोटे काम करते हैं। बहन सीता के निधन के बाद उसके बच्चों की जिम्मेदारी भी हिम्मत सिंह ही निभा रहा था। अविवाहित हिम्मत सिंह पर वृद्ध माता-पिता प्रताप सिंह और चंदरी बाई पूरी तरह निर्भर थे। इस हत्या से पूरा परिवार सदमे और मातम में डूबा हुआ है।