हिंदी
गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में प्रसूता की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इलाज में लापरवाही के आरोप में गैर इरादतन हत्या के तहत एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
Gorakhpur: इलाज के भरोसे अस्पताल पहुंची एक महिला, लेकिन वहीं उसकी सांसें थम गई। गोरखपुर जनपद के गुलरिहा थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला न सिर्फ दर्दनाक है, बल्कि चिकित्सा लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रसूता की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा और आक्रोश फूट पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए गैर इरादतन हत्या के आरोप में एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रसूता मौत मामले में बड़ी कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक गुलरिहा विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुकदमे से संबंधित अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
कौन है गिरफ्तार अभियुक्त
पुलिस ने थाना गुलरिहा में पंजीकृत मुकदमा संख्या 09/2026 के तहत अभियुक्त जावेद खान पुत्र स्वर्गीय जमालुद्दीन उर्फ झिनकू निवासी ग्राम भटहट टोला बड़हरिया थाना गुलरिहा जनपद गोरखपुर को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 318(4), 61(2), 319(2) और 34(2) एनएमसी एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
इलाज में लापरवाही बनी मौत की वजह
पुलिस के अनुसार यह घटना 03 जनवरी 2025 की है। आरोप है कि अभियुक्त द्वारा वादी की पत्नी, जो प्रसूता थी, का इलाज लापरवाहीपूर्वक किया गया। इलाज के दौरान गंभीर चूक हुई, जिससे महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने थाना गुलरिहा पहुंचकर तहरीर दी और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई कि इलाज के दौरान जरूरी सावधानियां नहीं बरती गईं। साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस ने अभियुक्त की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है और अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।
पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि चिकित्सा क्षेत्र में लापरवाही से जुड़े मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा। किसी भी कीमत पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह संदेश गया है कि कानून के सामने कोई भी लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।