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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में इन दिनों आम लोगों के बीच यह चर्चा जोर-शोर से चल रही है कि क्या इस मामले में शंकराचार्य फंस जाएंगे या फिर उन्हें क्लीन चिट मिल जाएगी। बहरहाल मामले की मेडिकल रिपोर्ट आ चुकी है, जो शुक्रवार को कोर्ट में पेश की जाएगी।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Img- Internet)
Varanasi: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में इन दिनों आम लोगों के बीच यह चर्चा जोर-शोर से चल रही है कि क्या इस मामले में शंकराचार्य फंस जाएंगे या फिर उन्हें क्लीन चिट मिल जाएगी। बहरहाल यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आ गई है, जो लिफाफे में बंदकर गुरुवार 26 फरवरी को जांच अधिकारी को सौंप दी गई है। इसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
लिफाफे में बंद रिपोर्ट शुक्रवार को कोर्ट में पेश की जाएगी। लिहाजा इसके लिए अभी इंतजार करना होगा कि रिपोर्ट में क्या है। पुलिस ने बुधवार 25 फरवरी को पीड़ित नाबालिगों का मेडिकल टेस्ट कराया था। बताया जा रहा है कि दो डॉक्टरों के पैनल ने प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में मेडिकल टेस्ट किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बटुकों से कुकर्म किसने किया? कब किया? कहां किया? ये जांच का विषय है। पूरी जांच के बाद साफ होगा कि अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोप कितने सही हैं। थाना प्रभारी झूंसी महेश मिश्र के मुताबिक यह कोर्ट का मामला है। ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते।
इससे पहले, शंकराचार्य पर केस दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज ने बुधवार को कहा था कि सारे सबूत हैं। मेडिकल में बटुकों से कुकर्म की पुष्टि हुई है। जल्द न्याय होगा। इधर, एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया। उसने दावा किया- मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया। हमारे साथ और भी बच्चे थे, उनका भी शोषण किया गया। यह पूछे जाने पर कि किसने शोषण किया?
इस पर पीड़ित ने कहा- अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद। क्या आप माघ मेले की बात कर रहे? इस पर उसने कहा- जी, वहां पर भी मेरे साथ 16 जनवरी को शोषण किया। शंकराचार्य के शिष्य प्रकाश और अरविंद बच्चों को बाहर से लाते हैं। इसके बाद उनके साथ यौन शोषण किया जाता है।
यौन उत्पीड़न मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का मेडिकल रिपोर्ट आई सामने, हुआ ये बड़ा खुलासा
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में मेडिकल रिपोर्ट पर कहा- आशुतोष महाराज ने रिपोर्ट की बातें बताईं। जांच टीम क्या कर रही है? क्या पुलिस ने उन्हें परमानेंट प्रवक्ता बना लिया? एक हिस्ट्रीशीटर (आशुतोष महाराज) कहानी बनाकर फैला देता है। सारे लोग उसमें दबकर हाय-दइया करने लगते हैं। हमें कोई खतरा नहीं है। अभी हमें मार दो। हम तो अपना पिंडदान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनता को शंकराचार्य की कहानी देखने में लगा दिया गया है। इससे एपस्टीन फाइल से जो चीजें निकलकर आई हैं, उन्हें दबाया जा रहा।