हिंदी
कैण्ट क्षेत्र में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर न सिर्फ शादी रचाई बल्कि लाखों रुपये की ठगी भी कर ली। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पढिए पूरी खबर
फर्जी IAS बनकर रचाई शादी
गोरखपुर: थाना कैण्ट क्षेत्र में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर न सिर्फ शादी रचाई बल्कि लाखों रुपये की ठगी भी कर ली। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कैण्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वांछित अभियुक्त प्रीतम निषाद उर्फ अर्जुन सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से थाना बकेवर, जनपद इटावा का निवासी है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ झांसा, शादी तक पहुंची साजिश
पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्हें इंस्टाग्राम पर ‘निषाद विवाह ग्रुप’ के माध्यम से आरोपी का बायोडाटा मिला, जिसमें उसने खुद को मणिपुर कैडर का आईएएस अधिकारी बताया था। आरोपी ने अपने झूठ को सच साबित करने के लिए कथित नियुक्ति से जुड़े फोटो और इंटरव्यू वीडियो भी भेजे, जिससे परिवार पूरी तरह उसके झांसे में आ गया।
20 नवंबर 2025 को इटावा में सगाई हुई और 11 मार्च 2026 को शादी की तारीख तय की गई। शादी के कार्ड में भी आरोपी ने खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए समाज के कई प्रतिष्ठित लोगों को आमंत्रित किया।
15 लाख की डिमांड, शादी के बाद खुला राज
आरोपी ने शादी के खर्च के नाम पर 15 लाख रुपये की मांग की, जिसमें से 10 लाख रुपये पहले और 5 लाख रुपये शादी के दिन लिए गए। गोरखपुर के एक होटल में धूमधाम से शादी भी संपन्न हुई, लेकिन विदाई के बाद जब लड़की के परिजन उससे मिलने पहुंचे तो सच्चाई सामने आई-दूल्हा कोई आईएएस अधिकारी नहीं बल्कि एक ठग निकला।
पुलिस ने बरामद किए सबूत
पीड़ित की तहरीर पर थाना कैण्ट में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, एक सैमसंग टैबलेट और एक आधार कार्ड बरामद हुआ है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि उसने पहले भी इस तरह की वारदातें की हैं या नहीं। यह घटना सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी के बढ़ते खतरे की एक बड़ी चेतावनी है।