हिंदी
शाहजहांपुर में अमर बलिदानियों की प्रतिमाएं हटाने के दौरान क्षतिग्रस्त होने से विवाद बढ़ गया है। अखिलेश यादव ने इसे घोर निंदनीय बताते हुए शहीदों के सम्मान से खिलवाड़ कहा। मामले में जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Shahjahanpur: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में नगर निगम कार्यालय परिसर में स्थापित अमर बलिदानियों की प्रतिमाएं हटाने के दौरान क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। यह प्रतिमाएं काकोरी कांड के वीर शहीदों की स्मृति में स्थापित थीं। घटना की जानकारी मिलते ही लोगों ने इसे शहीदों के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
नगर निगम परिसर के पास स्मार्ट रोड परियोजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। इसी क्रम में पुरानी प्रतिमाओं को हटाकर नई प्रतिमाएं स्थापित की जानी थीं। इसके लिए करीब 40 लाख रुपये की निविदा पर एक एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप है कि संबंधित ठेकेदार ने बिना पूर्व सूचना और आवश्यक सावधानी बरते रात में ही प्रतिमाओं को हटाने का प्रयास किया, जिससे वे टूट गईं। इस लापरवाही ने पूरे मामले को विवादित बना दिया है।
बिहार राजनीति से बड़ी खबर, नीतीश कुमार को फिर सौंपी गई जेडीयू की कमान; विरोधी कोई सामने नहीं…
घटना के बाद महापौर अर्चना वर्मा मौके पर पहुंचीं और नगर निगम अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त हालत में पड़े देखा गया, जिससे लोगों की भावनाएं और अधिक आहत हुईं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए इसे "घोर निंदनीय" बताया। उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण के नाम पर शहीदों के सम्मान को ठेस पहुंचाना गलत मानसिकता को दर्शाता है।

अखिलेश यादव ने अपने संदेश में यह भी लिखा कि जो लोग शहादत का मूल्य नहीं समझते, वे ही इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है और मामले ने व्यापक चर्चा का रूप ले लिया है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अनीत कुमार त्रिवेदी ने कहा कि जिन वीरों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनके सम्मान के साथ इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना बताया।
फिलहाल प्रशासन पर दबाव है कि वह पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों की जिम्मेदारी तय करे। शहर के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि शहीदों के सम्मान को पुनर्स्थापित करने के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे।