अखिलेश के दरबार से योगी कैबिनेट तक… मनोज पांडेय और पूजा पाल को सपा से बगावत का बड़ा इनाम

UP Cabinet Expansion: यूपी में योगी कैबिनेट विस्तार से सियासी हलचल तेज हो गई है। कभी अखिलेश यादव के करीबी रहे मनोज पांडे और पूजा पाल अब भाजपा सरकार का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इससे 2027 चुनाव से पहले जातीय और राजनीतिक समीकरणों को साधने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है।

Updated : 10 May 2026, 1:28 PM IST
google-preferred

UP Cabinet Expansion: योगी मंत्रिमंडल का आज विस्तार होने वाला है। इसमें कभी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने वाले दो चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम का हिस्सा बनने जा रहे हैं।

योगी मंत्रिमंडल विस्तार में जिन नामों ने सबसे ज्यादा सियासी हलचल बढ़ाई है, उनमें रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडे और कौशांबी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल सबसे आगे हैं। दोनों नेताओं का राजनीतिक सफर न सिर्फ दिलचस्प रहा है, बल्कि यह यूपी की बदलती राजनीति और नए जातीय समीकरणों की कहानी भी कहता है।

कभी अखिलेश के बेहद करीबी थे मनोज पांडे

रायबरेली के ऊंचाहार से लगातार तीन बार विधायक रहे मनोज पांडे लंबे समय तक समाजवादी पार्टी का बड़ा ब्राह्मण चेहरा माने जाते रहे। अखिलेश यादव की सरकार में वह कैबिनेट मंत्री भी रहे और पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ थी।

साल 2022 के बाद सपा ने उन्हें विधानसभा में मुख्य सचेतक जैसी अहम जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन रामचरितमानस विवाद और पार्टी के भीतर बढ़ती वैचारिक खींचतान के बीच मनोज पांडे ने खुलकर असहमति जतानी शुरू कर दी।

UP Cabinet Expansion: यूपी में योगी मंत्रिमंडल में इन चार नये मंत्रियों की मिली एंट्री

फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में उन्होंने मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा देकर बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। इसके बाद सपा नेतृत्व ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। मई 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।

अब योगी मंत्रिमंडल में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। माना जा रहा है कि बीजेपी उन्हें ब्राह्मण चेहरे के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी देकर पूर्वांचल और रायबरेली-अमेठी बेल्ट में नया संदेश देना चाहती है।

पूजा पाल का सफर: बसपा से सपा और अब बीजेपी खेमे तक

कौशांबी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल का नाम यूपी की राजनीति में संघर्ष और विवाद दोनों वजहों से चर्चित रहा है। उनके पति और बसपा विधायक रहे राजू पाल की 2005 में दिनदहाड़े हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।

राजू पाल ने इलाहाबाद पश्चिम सीट पर माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ को हराकर सनसनी फैला दी थी। लेकिन कुछ ही महीनों बाद उनकी हत्या हो गई। इसके बाद बसपा ने पूजा पाल को राजनीति में उतारा।

पहले चुनाव में हार मिली, लेकिन 2007 में उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए इलाहाबाद पश्चिम सीट जीत ली। 2012 में भी उन्होंने जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की। 2018 में बसपा ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया, जिसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। 2022 में वह चायल सीट से विधायक बनीं, लेकिन धीरे-धीरे उनका झुकाव बीजेपी की तरफ बढ़ता गया।

2024 के फूलपुर उपचुनाव में उन्होंने खुलेआम बीजेपी प्रत्याशी के लिए प्रचार किया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की और कहा कि “जब किसी ने मेरी बात नहीं सुनी, तब योगी सरकार ने न्याय दिलाया।”

उनका यह बयान सपा नेतृत्व को नागवार गुजरा और अप्रैल 2025 में पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया। अब वही पूजा पाल योगी सरकार में मंत्री बनने जा रही हैं।

UP Cabinet Expansion: आम चुनाव से पहले योगी मंत्रिमंडल के अंतिम विस्तार पर जानिये ये बड़े अपडेट

योगी का बड़ा सियासी संदेश

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह मंत्रिमंडल विस्तार सिर्फ खाली पद भरने की कवायद नहीं है। बीजेपी इसके जरिए 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश देना चाहती है। मनोज पांडे के जरिए ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की कोशिश दिखाई दे रही है, जबकि पूजा पाल के जरिए पिछड़े और दलित वर्ग के बीच मजबूत पैठ बनाने की रणनीति नजर आ रही है।

दिलचस्प बात यह है कि दोनों नेता कभी अखिलेश यादव के करीबी माने जाते थे, लेकिन अब वही चेहरे योगी सरकार की नई टीम में शामिल होकर सपा को राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों स्तर पर झटका देते दिखाई दे रहे हैं।

आज होगा शपथ ग्रहण

योगी मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार रविवार दोपहर 3:30 बजे लखनऊ स्थित जनभवन में होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर संभावित मंत्रियों की सूची सौंप चुके हैं।

सूत्रों के मुताबिक इस विस्तार में छह नए चेहरे शामिल किए जाएंगे, जिनमें मनोज पांडे और पूजा पाल के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। यूपी की राजनीति में यह विस्तार सिर्फ मंत्रियों की संख्या बढ़ाने वाला नहीं, बल्कि बदलते राजनीतिक रिश्तों और नए समीकरणों की बड़ी तस्वीर भी पेश करेगा।

Location :  Lucknow

Published :  10 May 2026, 1:28 PM IST

Advertisement