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पीड़ित आंगनबाड़ी सहायिका महिमा वर्मा (Img: Dynamite News)
Maharajganj: जनपद के बृजमनगंज विकास खंड अंतर्गत कुशहां गांव की आंगनबाड़ी सहायिका महिमा वर्मा ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने प्रमोशन के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी और रकम न देने पर उनका हक छीन लिया गया।
महिमा वर्मा के अनुसार वह वर्ष 2011 से आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत हैं तथा वर्ष 2018 से लगातार सात वर्षों तक कार्यकत्री पद का चार्ज भी संभाल चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वह इंटरमीडिएट पास हैं और विभागीय नियमों के अनुसार प्रमोशन की पात्र थीं, लेकिन अधिकारियों ने कथित रूप से घूस की मांग की। रिश्वत न देने पर उनका प्रमोशन रोक दिया गया और उनकी जगह ईडब्ल्यूएस आरक्षण का कथित दुरुपयोग कर सीधी भर्ती कर दी गई।
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पीड़िता ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा शासनादेशों की अनदेखी करते हुए मानसिक उत्पीड़न किया गया। न्याय के लिए उन्होंने ग्राम प्रधान से लेकर जिला प्रशासन, विभागीय अधिकारियों और प्रधानमंत्री कार्यालय तक कुल 36 प्रार्थना पत्र भेजे, साथ ही 18 आरटीआई भी दाखिल कीं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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महिमा वर्मा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और उन्हें उनका अधिकार दिलाने की मांग की है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
इस मामले में डीपीओ दुर्गेश कुमार ने डाइनामाइट न्यूज से बातचीत के दौरान बताया कि इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। सोमवार को शिकायतकर्ताओं को बुलाया गया है।
Location : Maharajganj
Published : 10 May 2026, 1:11 PM IST