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योगी सरकार का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार आज (Img: Google)
Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार अपने दूसरे कैबिनेट विस्तार के ज़रिए एक अहम राजनीतिक संदेश देने की तैयारी कर रही है। रविवार को होने वाले इस विस्तार को सिर्फ़ सरकार में नए चेहरों को शामिल करने का एक ज़रिया ही नहीं माना जा रहा है। बल्कि इसके ज़रिए BJP का मकसद सामाजिक, जातिगत और क्षेत्रीय आधार पर संतुलन बनाना है और साथ ही अपने संगठनात्मक समीकरणों को भी मज़बूत करना है। माना जा रहा है कि कुछ खास समुदायों जिनमें दलित और पिछड़े वर्ग शामिल हैं और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पार्टी अपनी राजनीतिक पकड़ को और मज़बूत करना चाहती है।
इसके अलावा, BJP उन नेताओं को भी जगह देने की रणनीति पर काम कर रही है जो समाजवादी पार्टी छोड़कर आए हैं और साथ ही उन विधायकों को भी जो अखिलेश यादव से नाराज़ हैं।
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट विस्तार के लिए शपथ ग्रहण समारोह रविवार को दोपहर करीब 3:00 बजे राजभवन में होगा। इस कार्यक्रम के दौरान, पाँच से छह विधायकों के मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है। इनमें से, दो नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की उम्मीद है, जबकि तीन से चार विधायकों को राज्यमंत्री के तौर पर शामिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम करीब 6:30 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाक़ात कर कैबिनेट विस्तार पर चर्चा की। इस मुलाक़ात के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में शामिल होने वाले संभावित नामों को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं।
कैबिनेट विस्तार में शामिल होने वाले संभावित नेताओं में BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का नाम सबसे अहम माना जा रहा है। इसके अलावा, मनोज पांडे ऊंचाहार से विधायक, जो समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद BJP के करीब आ गए थे को कैबिनेट मंत्री नियुक्त करने की भी चर्चा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मनोज पांडे को कैबिनेट में शामिल करके BJP का मकसद ब्राह्मण समुदाय के साथ-साथ उन नेताओं को भी एक मज़बूत संदेश देना है जो समाजवादी पार्टी से नाराज़ हैं। इस बीच विधायक सुरेंद्र सिंह दिलेर (अलीगढ़ की खैर सीट से), विधायक कृष्णा पासवान (फतेहपुर की खागा सीट से), और विधायक कैलाश राजपूत (कन्नौज की तिरवा सीट से) को राज्य मंत्री नियुक्त किए जाने की संभावना है। MLC हंसराज विश्वकर्मा का नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल होने की खबर है।
इस विस्तार के ज़रिए BJP दलितों और पिछड़े वर्गों के बीच अपनी पकड़ मज़बूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में सामाजिक समीकरण निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। यही वजह है कि इस विस्तार में उन चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनका अपने-अपने क्षेत्रों और जाति समूहों में मज़बूत प्रभाव है।
सूत्रों के अनुसार BJP उन क्षेत्रों को भी प्रतिनिधित्व देने की कोशिश कर रही है जहाँ पार्टी को अधिक संगठनात्मक मज़बूती की ज़रूरत महसूस होती है। नामों के चयन पर पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए विचार-विमर्श किया गया है।
कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ, सरकार के भीतर कुछ महत्वपूर्ण फेरबदल की भी चर्चा है। सूत्रों का दावा है कि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, सहकारिता मंत्री JPS राठौर, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और गन्ना विकास राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार का कद बढ़ाया जा सकता है। कुछ अन्य मंत्रियों के पास मौजूद विभागों में बदलाव या उनमें कटौती की संभावना को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालाँकि इस चरण में किसी भी मंत्री को कैबिनेट से हटाए जाने की संभावना अब कम मानी जा रही है। सरकार फिलहाल एक ऐसी रणनीति पर काम कर रही है जिसका मकसद संतुलन बनाए रखना और ऐसी किसी भी स्थिति से बचना है जिससे आंतरिक असंतोष पैदा हो सके।
फिलहाल योगी सरकार में कुल 54 मंत्री हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह संख्या बढ़कर 60 तक पहुंच सकती है। BJP नेतृत्व का लक्ष्य सरकार और पार्टी संगठन दोनों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए अपनी चुनावी तैयारियों को और मज़बूत करना है।
सूत्रों के अनुसार सभी मंत्रियों को रविवार दोपहर तक लखनऊ पहुँचने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि शपथ ग्रहण समारोह के साथ-साथ कुछ विभागों में फेरबदल से जुड़ी घोषणाएँ भी की जा सकती हैं।
Location : Lucknow
Published : 10 May 2026, 9:56 AM IST