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भारतीय रेलवे (Img: Google)
New Delhi: भारतीय रेलवे अब टिकट बुकिंग सिस्टम में ऐसा बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जिससे करोड़ों यात्रियों को राहत मिलने वाली है। त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में अक्सर रेलवे की वेबसाइट और ऐप हैंग हो जाते हैं, लेकिन अब यह परेशानी इतिहास बनने वाली है।
रेलवे अपने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को पूरी तरह हाईटेक बनाने की तैयारी में है, जिसमें क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह भारतीय रेल के इतिहास का सबसे बड़ा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन माना जा रहा है। नए सिस्टम के लागू होने के बाद टिकट बुकिंग पहले से कई गुना तेज हो जाएगी और तत्काल टिकट के लिए हर सेकंड होने वाली भागदौड़ में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
अक्सर देखा जाता है कि जैसे ही तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होती है, लाखों लोग एक साथ लॉगिन करते हैं और वेबसाइट स्लो या क्रैश होने लगती है। मौजूदा सिस्टम एक मिनट में करीब 25 हजार टिकट बुक कर पाता है, लेकिन रेलवे अब इसे बढ़ाकर 5 लाख टिकट प्रति मिनट से ज्यादा करने की तैयारी कर रहा है।
अब रेलवे स्टेशनों पर नहीं होगी धक्का-मुक्की! AI से रखी जाएगी नजर
नई क्लाउड आधारित तकनीक एक साथ करीब दो करोड़ एक्टिव यूजर्स को संभाल सकेगी। इससे टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट के फ्रीज होने और पेमेंट फेल होने जैसी समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।
रेलवे के नए सिस्टम में AI तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ स्पीड बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि टिकट दलालों पर रोक लगाने के लिए भी किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार एडवांस्ड AI बॉट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करेगा, जिससे फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए टिकट बुक करने वाले दलालों की मनमानी पर लगाम लगेगी।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों को मिलेगा, जिन्हें अब तत्काल टिकट के लिए लंबी जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी।
नए PRS सिस्टम का सबसे खास फीचर इसका AI आधारित प्रेडिक्शन मॉडल होगा। अब अगर कोई यात्री वेटिंग टिकट बुक करेगा, तो सिस्टम उसी समय बता देगा कि टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। इतना ही नहीं, अगर किसी ट्रेन में सीट उपलब्ध नहीं होगी तो सिस्टम खुद दूसरी ट्रेन का सुझाव देगा, जहां सीट खाली हो या कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना ज्यादा हो। इससे यात्रियों का समय भी बचेगा और अनिश्चितता भी कम होगी।
आज के समय में टिकट बुकिंग के दौरान कई बार पैसे कट जाते हैं लेकिन टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता। इसके बाद रिफंड आने में कई दिन लग जाते हैं। रेलवे अब इस समस्या को भी खत्म करने की तैयारी में है। नए स्मार्ट पेमेंट गेटवे की मदद से पेमेंट फेलियर को बेहद कम किया जाएगा। अगर ट्रांजेक्शन पूरा नहीं होता है तो यात्रियों को तुरंत रिफंड मिल सकेगा। रेलवे का लक्ष्य पेमेंट सक्सेस रेट को 99.9 प्रतिशत तक पहुंचाना है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उन्नत PRS सिस्टम को अगस्त के पहले सप्ताह तक तैयार कर लिया जाए। माना जा रहा है कि त्योहारों के सीजन से पहले यात्रियों को इस नई सुविधा का लाभ मिलने लगेगा। रेलवे का दावा है कि इस डिजिटल बदलाव के बाद टिकट बुकिंग का पूरा अनुभव पहले से ज्यादा आसान, तेज और भरोसेमंद होगा।
Location : New Delhi
Published : 10 May 2026, 8:31 AM IST