अब बिल्डर नहीं छिपा पाएंगे सच! घर खरीदने से पहले एक क्लिक में खुल जाएगी पूरी ‘कुंडली’

अब घर खरीदने से पहले सिर्फ सपनों पर नहीं, बल्कि पूरी सच्चाई पर भरोसा किया जा सकेगा। यूपी में आने वाला नया डिजिटल सिस्टम बिल्डरों की ऐसी जानकारियां सामने लाने वाला है, जो अब तक आसानी से नहीं मिलती थीं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 7 May 2026, 2:38 PM IST
google-preferred

Lucknow: उत्तर प्रदेश में फ्लैट और घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए जल्द ही बड़ी सुविधा मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (UP RERA) एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप लॉन्च करने जा रहा है, जिसका नाम “रेरा 2.0” होगा।

इस प्लेटफॉर्म की सबसे खास बात यह होगी कि अब कोई भी व्यक्ति किसी बिल्डर या रियल एस्टेट कंपनी की पूरी जानकारी घर बैठे सिर्फ एक क्लिक में देख सकेगा। इससे लोगों को घर खरीदने से पहले सही और सुरक्षित फैसला लेने में मदद मिलेगी।

बिल्डर का पूरा रिकॉर्ड आएगा सामने

नए सिस्टम के जरिए खरीदार यह जान सकेंगे कि किसी बिल्डर के खिलाफ कितनी शिकायतें दर्ज हैं, उसके पुराने प्रोजेक्ट समय पर पूरे हुए या नहीं और उसने नियमों का पालन किया या नहीं।
इसके अलावा बिल्डर की आर्थिक स्थिति, अनुभव और प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता जैसी अहम जानकारियां भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इससे धोखाधड़ी और फर्जी वादों पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है।

WhatsApp का लेटेस्ट अपडेट, अब ऐसे दिखेगी चैट स्क्रीन का नया लुक

AI और मशीन लर्निंग से होगा बड़ा बदलाव

UP RERA इस नए प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करेगा। इन तकनीकों की मदद से शिकायतों की मॉनिटरिंग तेजी से हो सकेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों की पहचान तुरंत की जा सकेगी। इससे कार्रवाई की प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा तेज और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।

प्रोजेक्ट की हर जानकारी होगी ऑनलाइन

रेरा 2.0 में केवल बिल्डर का रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट से जुड़ी पूरी जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। खरीदार आसानी से यह देख सकेंगे कि:

  • जमीन का मालिकाना हक किसके पास है
  • प्रोजेक्ट को कौन-कौन सी सरकारी मंजूरियां मिली हैं
  • निर्माण पूरा होने की तय समय सीमा क्या है
  • खरीदारों के पैसे का इस्तेमाल कहां हो रहा है

इससे लोगों को बिचौलियों और अधूरी जानकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

UP RERA चेयरमैन संजय भूसरेड्डी के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म दिसंबर तक लॉन्च किया जा सकता है। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाना और खरीदारों का भरोसा मजबूत करना है। पिछले कुछ वर्षों में कई खरीदार ऐसे मामलों का सामना कर चुके हैं, जहां फ्लैट समय पर नहीं मिले या बिल्डरों ने वादे पूरे नहीं किए। नई व्यवस्था ऐसे मामलों को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

रियल एस्टेट बाजार पर पड़ेगा असर

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के आने से रियल एस्टेट बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ईमानदार बिल्डरों को फायदा मिलेगा। वहीं खराब रिकॉर्ड वाले डेवलपर्स की जानकारी सार्वजनिक होने से खरीदार ज्यादा सतर्क हो सकेंगे।

Location :  New Delhi

Published :  7 May 2026, 2:38 PM IST

Advertisement