मुजफ्फरनगर में लोन 34 हजार में निपटा, लोक अदालत से मिली बड़ी राहत

मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान एक गरीब परिवार को बड़ी राहत मिली। साउथ सिविल लाइन निवासी अनुज पाल का 50 हजार रुपये का बकाया लोन मात्र 34 हजार रुपये में निपटा दिया गया। लोक अदालत में उन्हें 16 हजार रुपये की छूट और पूरे ब्याज की माफी मिली, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 10 May 2026, 5:41 AM IST
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Muzaffarnagar : जिले में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत एक गरीब परिवार के लिए राहत की बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई। साउथ सिविल लाइन निवासी अनुज पाल लंबे समय से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे। घर की जिम्मेदारियों और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह अपने लोन की किस्त समय पर जमा नहीं कर पा रहे थे। धीरे-धीरे बकाया रकम बढ़ती गई और परिवार की चिंता भी बढ़ने लगी।

50 हजार का लोन 34 हजार रुपये में निपटा

जानकारी के अनुसार, अनुज पाल पर करीब 50 हजार रुपये का लोन बकाया था। मामला राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान बड़ा फैसला लिया गया। लोक अदालत में उनका पूरा मामला मात्र 34 हजार रुपये में निपटा दिया गया। इसमें उन्हें 16 हजार रुपये की सीधी छूट दी गई, जबकि पूरे ब्याज को भी माफ कर दिया गया। इस फैसले से परिवार को बड़ी आर्थिक राहत मिली और लंबे समय से चला आ रहा तनाव खत्म हो गया।

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एकमुश्त भुगतान कर खत्म कराया मामला

बताया गया कि अनुज पाल नियमित रूप से किस्त जमा नहीं कर पाने के कारण काफी परेशान थे। बकाया बढ़ने से परिवार पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा था। ऐसे में कोर्ट परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत उनके लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। यहां उन्होंने एकमुश्त भुगतान कर अपना पूरा मामला मौके पर ही समाप्त करा लिया। इससे उन्हें आगे की कानूनी और आर्थिक परेशानियों से भी राहत मिल गई।

परिवार ने जताया खुशी और संतोष

लोक अदालत से मिली राहत के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। अनुज पाल की पत्नी रनिता ने इस फैसले पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण परिवार काफी परेशान था, लेकिन लोक अदालत के जरिए उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने प्रशासन और न्याय व्यवस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहद मददगार साबित होते हैं।

लाभार्थी महिला रनिता ने बताया कि हम लोग काफी समय से परेशान थे। पैसों की कमी के कारण लोन की किस्त नहीं भर पा रहे थे। लोक अदालत से हमें बहुत राहत मिली है। अब हमारा बोझ कम हो गया है। इसके लिए हम प्रशासन और न्याय व्यवस्था का धन्यवाद करते हैं।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  10 May 2026, 5:39 AM IST

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