दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे अब पहले जैसा नहीं होगा खून से लाल

Delhi-Dehradun National Highway Survey: दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सर्वे किया जा रहा है। सर्वे टीम ने पांच-पांच किलोमीटर के हिस्सों में बांटकर अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की।

Updated : 8 May 2026, 8:41 AM IST
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Muzaffarnagar: दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 (Delhi-Dehradun National Highway Survey) पर लगातार हो रहे सड़क हादसों और मौतों को रोकने के लिए पुलिस और NHAI अब एक्शन मोड में हैं। एसपी सिटी अमृत जैन ने NHAI अधिकारियों के साथ मिलकर हाईवे का विस्तृत ग्राउंड सर्वे किया और दुर्घटनाओं के कारणों को चिन्हित करने की कवायद शुरू की।

विशेष सर्वे टीम ने खतौली के मेरठ बॉर्डर से लेकर पुरकाजी के उत्तराखंड बॉर्डर तक हाईवे का निरीक्षण किया। सर्वे के दौरान पूरे हाईवे को पांच-पांच किलोमीटर के हिस्सों में बांटकर अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की गई।

विशेष सर्वे टीम में कौन-कौन

सीओ खतौली, नई मंडी और सदर के अलावा NHAI के इंजीनियर और अधिकारी शामिल किए गए हैं।

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सर्वे टीम ने पकड़ी खामियां

एसपी सिटी ने बताया कि सर्वे के दौरान यह देखा गया कि किन स्थानों पर इंजीनियरिंग डिफेक्ट हैं, कहां सड़क सुरक्षा मानकों की कमी है और किन जगहों पर रात के समय विजिबिलिटी कमजोर होने के कारण हादसे बढ़ रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईवे पर हादसे के कारण

हाईवे पर ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट सफर और तेज रफ्तार जैसे कारण भी हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं। इसे लेकर अब पुलिस जागरूकता अभियान भी चलाएगी, ताकि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके।

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एसपी सिटी के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक इस हाईवे पर 8 से 10 लोगों की जान जा चुकी है। पुलिस और प्रशासन का लक्ष्य अब "जीरो कैजुअल्टी" पर काम करना है, ताकि भविष्य में हादसों और मौतों की संख्या को कम किया जा सके।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  8 May 2026, 8:41 AM IST

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