UP News: सात साल से नदारद डॉक्टरों पर गिरी गाज, दो चिकित्सक बर्खास्त

जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात रहकर लंबे समय से ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ शासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिससे जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है।

Balrampur: जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात रहकर लंबे समय से ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ शासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के कड़े निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। शासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

कई डॉक्टर नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर नहीं

​काफी समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात कई डॉक्टर नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। आरोप है कि इनमें से कुछ डॉक्टर सरकारी वेतन तो ले रहे थे, लेकिन अपनी सेवाएं देने के बजाय निजी प्रैक्टिस में व्यस्त थे। विभाग को यह भी अंदेशा था कि कुछ स्थानीय मिलीभगत के कारण यह खेल लंबे समय से चल रहा था।

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​विभागीय जानकारी के अनुसार, बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में पहला नाम डॉ. संतोष सिंह का है। डॉ. सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुरा के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलदेवनगर में तैनात थे, लेकिन वह पिछले करीब सात वर्षों से ड्यूटी से गायब थे।

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विभाग द्वारा कई बार नोटिस भेजने और संपर्क करने के बावजूद उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिसके बाद वहीं, दूसरा मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोकहिया का है, जहां तैनात डॉ. अनु चंद्रा को भी बर्खास्त किया गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले अपना इस्तीफा दिया था, लेकिन विभागीय स्तर पर प्रक्रिया लंबित होने के बावजूद वह अनुपस्थित चल रही थीं। शासन स्तर पर हुई समीक्षा के बाद दोनों की सेवाओं को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

​ शासन के आदेश पर यह कार्रवाई

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने पुष्टि की है कि शासन के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएमओ ने यह भी संकेत दिए हैं कि जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी डॉक्टरों की उपस्थिति और उनकी कार्यप्रणाली की गहन जांच शुरू कर दी गई है। ​इस कार्रवाई ने उन डॉक्टरों की चिंता बढ़ा दी है जो कागजों पर तो तैनात हैं, लेकिन धरातल पर मरीजों को अपनी सेवाएं नहीं दे रहे हैं।

Location :  Balrampur

Published :  10 May 2026, 3:10 PM IST

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