हिंदी
मथुरा में चर्चित गोरक्षक चंद्रशेखर की हत्या ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम किया, प्रशासनिक गाड़ियों पर पथराव हुआ। पुलिस ने एक आरोपी गिरफ्तार कर बाकी की तलाश शुरू कर दी।
अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर कानून-व्यवस्था का सवाल उठाया (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Lucknow: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में चर्चित गौ रक्षक चंद्रशेखर उर्फ "फरसा वाले बाबा" की हत्या ने पूरे प्रदेश में सियासी हलचल मचा दी है। इस घटना को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सरकार उन्हें रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मथुरा में जिस तरह से एक गौ रक्षक की खुलेआम हत्या की गई, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार खुद कानून-व्यवस्था को मजबूत होने का दावा करती है, तो फिर इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है।
यह घटना कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर गांव के पास ईद के मौके पर हुई, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, चंद्रशेखर को गौ तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके बाद वह अपनी टीम के साथ आरोपियों का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान कथित गोतस्करों ने उन्हें गाड़ी से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि पुलिस अभी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
घटना के बाद गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। हजारों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई वाहनों पर पथराव भी हुआ, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और अतिरिक्त बल तैनात किया। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। साथ ही, बरसाना की ओर जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
सोनभद्र में दर्दनाक हादसा, ओवरलोड ट्रक से गिरा कोयला, बाइक सवार युवक की मौत; जानें आगे की कहानी
चंद्रशेखर का शव उनके गांव अंजनौख स्थित गौशाला में लाया गया, जहां हजारों समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। उनकी लोकप्रियता के चलते लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रदेश की सियासत को भी गरमा दिया है।