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उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी एवं जेल वार्डर भर्ती को लेकर सामान्य वर्ग के युवाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लगभग सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दिसंबर 2025 में भर्ती विज्ञापन जारी होने के बावजूद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में कोई छूट न दिए जाने से हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
युवाओं में भारी आक्रोश
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी एवं जेल वार्डर भर्ती को लेकर सामान्य वर्ग के युवाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लगभग सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दिसंबर 2025 में भर्ती विज्ञापन जारी होने के बावजूद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में कोई छूट न दिए जाने से हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को गोला उपनगर के खेल मैदान में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन के दौरान चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी को सामान्य वर्ग के युवाओं ने ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।
ज्ञापन में युवाओं ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस की पिछली भर्ती 16 नवंबर 2018 को निकाली गई थी। इसके बाद करीब सात वर्षों तक कोई नियमित भर्ती नहीं हुई। इस लंबे अंतराल के दौरान जो अभ्यर्थी उस समय आयु सीमा के भीतर थे, वे अब स्वतः ही आयु सीमा पार कर चुके हैं। बावजूद इसके, दिसंबर 2025 में जारी नई भर्ती में सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 18 से 21 वर्ष ही रखी गई है, जिससे हजारों मेहनती और वर्षों से तैयारी कर रहे युवा इस भर्ती से बाहर हो गए हैं।
युवाओं का कहना है कि यह केवल एक भर्ती का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके सपनों, मेहनत और भविष्य का सवाल है। उन्होंने यह भी बताया कि 18 नवंबर 2025 को गोरक्षनाथ मंदिर, गोरखपुर में आयोजित मुख्यमंत्री के जनता दरबार तथा 15 दिसंबर 2025 को लखनऊ में पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद पुलिस, पीएसी एवं जेल वार्डर की विज्ञप्ति में सामान्य वर्ग के लिए किसी भी प्रकार की आयु छूट नहीं दी गई, जिससे युवाओं में निराशा और आक्रोश बढ़ गया है।
ज्ञापन सौंपते हुए युवाओं ने विधायक से आग्रह किया कि वे इस गंभीर विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से उठाएं और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में उचित छूट दिलाने का प्रयास करें, ताकि वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के साथ न्याय हो सके।
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इस दौरान अभिषेक शुक्ल, धनंजय यादव, सत्यवीर यादव, उमेश यादव, विवेक तिवारी, विजेंद्र चौहान, विवेक जायसवाल सहित लगभग दो दर्जन युवा अभ्यर्थी मौजूद रहे। युवाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आयु सीमा में छूट नहीं दी गई तो वे आंदोलन के लिए भी बाध्य होंगे। यह मामला अब केवल स्थानीय नहीं, बल्कि प्रदेश भर के सामान्य वर्ग के युवाओं की आवाज बनता जा रहा है, जिस पर सरकार का स्पष्ट और त्वरित निर्णय जरूरी माना जा रहा है।