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जनपद में गुरुवार को उपजिलाधिकारी सहजनवां केशरी नंदन तिवारी एवं तहसीलदार सहजनवां राकेश कन्नौजिया ने सहजनवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत परमेश्वरपुर स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गौशाला में अव्यवस्था मिलने पर केयरटेकर को फटकार लगाई।
औचक निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सहजनवां
Gorakhpur: जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में गुरुवार को उपजिलाधिकारी सहजनवां केशरी नंदन तिवारी एवं तहसीलदार सहजनवां राकेश कन्नौजिया ने सहजनवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत परमेश्वरपुर स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गौशाला परिसर में व्याप्त गंदगी और अव्यवस्थाओं को देखकर एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाया और मौके पर मौजूद केयरटेकर को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल प्रभाव से साफ-सफाई सुनिश्चित कराने तथा नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय गौशाला में कुल 50 गौवंश मौजूद पाए गए। अधिकारियों ने पशुओं के स्वास्थ्य, चारा-पानी की व्यवस्था तथा ठंड से बचाव की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। जांच में यह सामने आया कि गौवंश के लिए हरे चारे की व्यवस्था उपलब्ध थी, साथ ही पर्याप्त मात्रा में भूसा और अन्य खाद्यान्न भी स्टॉक में मौजूद था। हालांकि, साफ-सफाई में लापरवाही को गंभीर मानते हुए एसडीएम ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम केशरी नंदन तिवारी ने विशेष रूप से ठंड के मौसम को देखते हुए गौवंश की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि गौशाला परिसर में विभिन्न स्थानों पर अलाव जलाए जाएं, ताकि सर्दी से पशुओं को बचाया जा सके। इसके साथ ही पशुओं के बैठने की जगह को सूखा और स्वच्छ रखने, नियमित रूप से गोबर की सफाई कराने तथा पीने के पानी की शुद्ध व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
तहसीलदार राकेश कन्नौजिया ने कहा कि गौशालाओं में गौवंश की देखरेख सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित निरीक्षण और जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
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निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान रामानंद निषाद भी मौके पर मौजूद रहे। प्रधान ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि दिए गए सभी निर्देशों का पालन कराया जाएगा और गौशाला की व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा। प्रशासन की इस सख्ती से क्षेत्र में यह संदेश गया है कि गौवंश की देखभाल में लापरवाही करने वालों पर अब कड़ा एक्शन तय है।