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लखनऊ में चाइनीज मांझे से हुई दर्दनाक मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में इसे पूरी तरह बैन कर दिया है। अब इस मांझे से होने वाली हर मौत को हत्या माना जाएगा और अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई होगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ
Lucknow: शाम का वक्त, सड़क पर सामान्य ट्रैफिक और अचानक एक पल में मौत। लखनऊ के हैदरगंज पुल के पास जो हुआ, उसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। बाइक सवार मोहम्मद शोएब की गर्दन में चाइनीज मांझा फंसा और कुछ सेकेंड में ही उनकी जिंदगी खत्म हो गई। यह कोई हादसा भर नहीं था, बल्कि लापरवाही और अवैध कारोबार से उपजा एक क्राइम था, जिसने एक परिवार का सहारा छीन लिया।
हादसे ने बदला सरकार का रुख
इस घटना का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चाइनीज मांझे के खिलाफ बेहद सख्त फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि चाइनीज मांझे से होने वाली किसी भी मौत को हत्या माना जाएगा। इसके साथ ही पूरे राज्य में अभियान चलाकर इसकी अवैध बिक्री रोकने और छापेमारी करने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए गए हैं। इस पूरे ऑपरेशन की समीक्षा अब उच्चतम स्तर पर की जाएगी।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
दुबग्गा के मछली मंडी इलाके के रहने वाले 33 वर्षीय मोहम्मद शोएब एक निजी कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव थे। बुधवार दोपहर वह हेलमेट पहनकर कंपनी के काम से चौक से हैदरगंज की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह बुलाकी अड्डा स्थित हैदरगंज पुल पर पहुंचे, अचानक उनकी गर्दन में मांझा आ फंसा। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, मांझे ने उनकी गर्दन की नसें काट दीं। लहूलुहान हालत में उन्होंने बाइक रोकी और सड़क पर गिर पड़े।
अस्पताल पहुंचने से पहले टूटी सांस
पुल पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बाजारखाला पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों की मदद से शोएब को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन ज्यादा खून बहने और गंभीर घाव के चलते डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पहले भी छीन चुका है जिंदगियां
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी बाजारखाला, गोसाईगंज, हुसड़िया फ्लाईओवर, कैंट, ठाकुरगंज, हजरतगंज और बीबीडी इलाके में चाइनीज मांझे से लोग घायल हो चुके हैं और कई की जान जा चुकी है। बावजूद इसके, इसकी अवैध बिक्री जारी रही। अब सरकार के सख्त फैसले के बाद उम्मीद है कि यह जानलेवा मांझा हमेशा के लिए सड़कों से गायब होगा।