कम जल लाएं, सेहत का रखें ध्यान; मुजफ्फरनगर में स्वामी यशवीर महाराज ने कांवड़ियों को दी सलाह

मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर स्वामी यशवीर महाराज ने कांवड़ मार्ग के ढाबों और होटलों पर भगवान वराह की तस्वीरें लगाने का अभियान चलाया। उन्होंने संचालकों से पहचान स्पष्ट करने की अपील की। साथ ही, सरकार से ढाबा मालिकों के नाम प्रदर्शित करने के नियम और शिविरों के लिए मुफ्त बिजली देने की मांग की।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 28 July 2026, 5:38 PM IST
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Muzaffarnagar: कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच स्वामी यशवीर महाराज ने अपने समर्थकों के साथ मंगलवार को कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटलों, ढाबों और खाने-पीने के स्टॉलों पर एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान दुकानदारों को भगवान वराह की तस्वीरें दी गईं और उनसे कहा गया कि वे यात्रा के समय अपनी दुकानों पर इन्हें प्रमुखता से लगाएं। आयोजकों के अनुसार, इस अभियान का मकसद कांवड़ियों (तीर्थयात्रियों) को उन दुकानों की पहचान करने में मदद करना है जिन्हें सनातन परंपरा को मानने वाले लोग चलाते हैं।

तस्वीरें लगाने की अपील

अभियान के दौरान स्वामी यशवीर महाराज ने हरिद्वार से गंगा का पवित्र जल लेकर लौट रहे शिव भक्तों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान वराह की तस्वीर वाली दुकानों को पहचानकर, तीर्थयात्री अपनी पसंद के अनुसार वहां खाना या नाश्ता कर सकते हैं। कई होटल और ढाबा संचालकों ने इस पहल के तहत तस्वीरें लगाने पर सहमति जताई।

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सुरक्षा और आस्था से जुड़े मुद्दे

स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि कुछ लोग कांवड़ मार्ग पर हिंदू देवी-देवताओं के नाम वाले होटल और ढाबे चलाते हैं, जबकि वे अपनी असली पहचान छिपाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी गतिविधियों से तीर्थयात्रियों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। हालांकि, किसी सरकारी एजेंसी ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है।

ढाबा संचालकों ने इस कदम का स्वागत किया

अभियान में शामिल कुछ होटल और ढाबा संचालकों ने इस पहल का समर्थन किया। एक ढाबा मालिक ने कहा कि बड़ी संख्या में तीर्थयात्री सेवा भाव से यह यात्रा करते हैं। उनका मानना ​​था कि दुकानों की स्पष्ट पहचान होने से भ्रम कम होगा और विवादों की संभावना भी घटेगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान कई सालों से चल रहा है और स्थानीय स्तर पर इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

कांवड़ियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी संदेश

स्वामी यशवीर महाराज ने शिव भक्तों से पूरी यात्रा के दौरान संयम और संतुलन बनाए रखने का भी आग्रह किया। उन्होंने भक्तों को बहुत ज्यादा मात्रा में गंगाजल न ले जाने की सलाह दी और कहा कि भारी बोझ उठाने से उनके स्वास्थ्य और रीढ़ की हड्डी पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि मंत्रों का जाप करते हुए कम मात्रा में जल लेकर यात्रा करना बेहतर होगा।

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सरकार के सामने रखी गईं मांगें

इस अभियान के दौरान स्वामी यशवीर महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि वह एक ऐसा नियम लागू करे जिसके तहत होटलों और ढाबों (सड़क किनारे बने भोजनालयों) को अपने संचालकों और कर्मचारियों के नाम साफ तौर पर प्रदर्शित करने होंगे, ताकि उनकी पहचान को लेकर पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा, उन्होंने 'कांवड़ यात्रा' के रास्ते पर लगाए जाने वाले कैंपों के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा की भी मांग की। उनका तर्क था कि धार्मिक सेवा में लगे कैंप आयोजकों से बिजली का शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं

अब तक इस अभियान या स्वामी यशवीर महाराज द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर स्थानीय प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, प्रशासन पहले से ही 'कांवड़ यात्रा' के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी व्यवस्थाएं करने में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  28 July 2026, 5:38 PM IST

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