हिंदी
मुजफ्फरनगर के सरवट मोहल्ले में एक ही परिवार के चार लोगों के शव बंद कमरे में मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि ईद की ‘ईदी’ के पैसों को लेकर पति-पत्नी में हुए झगड़े के बाद यह खौफनाक कदम उठाया गया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी है। पढ़ें पूरी खबर आगे..
मुजफ्फरनगर सामूहिक आत्महत्या (Source: google)
Muzaffarnagar: जनपद के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। मामूली पारिवारिक कलह और ईदी के पैसों को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना गहरा गया कि एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई। सरवट मोहल्ले में एक बंद कमरे के भीतर पति, पत्नी और उनके दो मासूम बच्चों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है।
मंगलवार सुबह जब सरवट मोहल्ले के एक घर का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला, तो परिजनों और पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। जब दरवाजा तोड़कर देखा गया तो अंदर का नजारा रोंगटे खड़े कर देने वाला था। 30 वर्षीय इरशाद पंखे से लटका हुआ था, जबकि उसकी 25 वर्षीय पत्नी नौरिन, 2 साल का बेटा आहिल और मात्र 1 महीने की बेटी अक्सा जमीन पर मृत पड़े थे।
‘Dhurandhar 2’ की वजह से कांप रहे पकिस्तान के नेता, जान पर आ गई बात; आदित्य भैया ने यह क्या कर दिया!
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सामूहिक आत्महत्या और हत्या के पीछे की वजह बेहद मामूली थी। मृतक इरशाद ने ईद के मौके पर अपनी विवाहित बहन को ₹1500 ईदी के तौर पर दिए थे। जब इसकी जानकारी उसकी पत्नी नौरिन को हुई, तो घर में विवाद शुरू हो गया। सोमवार को नौरिन की मां और बहनों ने भी आकर घर पर काफी हंगामा किया था, जिससे तनाव और बढ़ गया।
मृतक के भाई इनाम ने बताया कि सोमवार रात से ही मियां-बीवी के बीच तीखा झगड़ा चल रहा था। पड़ोसियों के अनुसार सुबह 4 बजे तक घर के अंदर से बहस की आवाजें आती रहीं, जिसके बाद अचानक सन्नाटा छा गया। आशंका जताई जा रही है कि इरशाद ने पहले अपनी पत्नी और बच्चों को जहरीला पदार्थ देकर मौत की नींद सुलाया और फिर खुद फांसी लगाकर जान दे दी। छोटे बच्चों के मुंह से झाग निकलने की बात भी सामने आई है।
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वाड की मदद से भी चप्पे-चप्पे की जांच की गई। पुलिस को कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला, जिसे जबरन खोला गया था। शवों पर बाहरी चोट के कोई गंभीर निशान नहीं मिले हैं, हालांकि गला दबाए जाने या जहर दिए जाने की संभावनाओं की जांच की जा रही है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि "प्राथमिक जांच और पूछताछ में ईदी के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। फॉरेंसिक टीम हर पहलू की जांच कर रही है। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि बच्चों और महिला की मौत जहर से हुई है या दम घुटने से। मामले में निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।