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कोर्ट ने दी सजा (Img : Google)
Ballia : बलिया के पकड़ी थाना क्षेत्र के टंडवा गांव में वर्ष 2020 में हुए खून-खराबे और हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय के फैसले ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुरानी रंजिश के चलते हुए इस वारदात ने एक परिवार को गहरा नुकसान पहुंचाया था और वर्षों तक चला मुकदमा आखिरकार सजा पर पहुंचा है। अदालत ने सात अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिसके बाद गांव में तनाव और चर्चा का माहौल देखा जा रहा है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार झा की अदालत ने अजय, आलोक, अभय, उदयपति, मनीष, अमित और सुभाष जायसवाल को हत्या और जानलेवा हमले का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर संयुक्त रूप से एक लाख इक्यावन हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए किसी प्रकार की नरमी संभव नहीं है और जुर्माना न देने पर तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन के अनुसार यह घटना 30 अप्रैल 2020 की सुबह की है। जब टंडवा गांव में पुरानी रंजिश एक बार फिर हिंसक रूप में सामने आई। वादी अभिषेक पांडे ने बताया कि वह अपने पिता सुरेंद्रनाथ पांडे और भाई सत्येंद्र के साथ खेत से काम करके लौट रहे थे। यह विवाद लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच चल रहा था और गांव में कई बार तनाव की स्थिति बन चुकी थी।
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जैसे ही वे पिंटू पांडे के खेत के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे विपक्षी पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे। इस हमले में सुरेंद्रनाथ पांडे गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि अन्य लोग भी घायल हो गए।
इसी घटना से जुड़े क्रॉस केस में अदालत ने दूसरे पक्ष के छह अभियुक्तों संजय वर्मा, सत्येंद्र पांडे, अभिषेक पांडे, लक्ष्मण वर्मा, अमरजीत वर्मा और अभिषेक वर्मा को भी दोषी करार दिया है। इन सभी पर जवाबी आरोप भी लगे थे, जिसके चलते मामला दोहरी सुनवाई में बदल गया। अदालत ने इन्हें पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा और कुल इक्यावन हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है।
Location : Ballia
Published : 16 May 2026, 6:52 PM IST