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दिल्ली नगर निगम के शाहदरा नॉर्थ जोन के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक कुमार मिश्रा को CBI ने 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (Img- Internet)
New Delhi: दिल्ली की सत्ता और सिस्टम के बीच चल रहे भ्रष्टाचार के खेल पर एक बड़ा पर्दाफाश हुआ है। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर रिश्वत का सौदा तय हो चुका था। जैसे ही पैसा हाथ में आया, वैसे ही खेल खत्म और सिस्टम के भीतर छिपा चेहरा बेनकाब हो गया। राजधानी में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भ्रष्टाचार अब भी सरकारी दफ्तरों में गहरी जड़ें जमाए बैठा है। इस बार शिकंजा कसा है एक बड़े अधिकारी पर, जिसे रंगे हाथों पकड़ा गया।
CBI ने दिल्ली नगर निगम में तैनात एक बड़े अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हैं अभिषेक कुमार मिश्रा, जो शाहदरा नॉर्थ जोन में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात थे। CBI ने उन्हें 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इस गिरफ्तारी के बाद पूरे MCD महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, अभिषेक कुमार मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने एक काम को करने के बदले 4 लाख रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद CBI ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। एजेंसी ने पूरा जाल बिछाया और जैसे ही अधिकारी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। यह पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई, ताकि आरोपी को भनक तक न लगे।
गिरफ्तार अधिकारी की एक और खास बात यह है कि वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर रहे हैं और फिलहाल Municipal Corporation of Delhi में प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे। एक अनुशासित सैन्य पृष्ठभूमि से आने वाले अधिकारी का इस तरह रिश्वत मामले में पकड़ा जाना कई सवाल खड़े करता है।
CBI की टीम अब अभिषेक कुमार मिश्रा से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में और भी लोग शामिल हैं या यह अकेले का काम था।