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पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे (सोर्स: गूगल)
New Delhi: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। सीबीआई के मुताबिक मनीषा इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क की कथित मास्टरमाइंड हैं और उन्हें बायोलॉजी प्रश्नपत्र तक सीधी पहुंच हासिल थी।
जांच एजेंसी के अनुसार मनीषा मंडारे पुणे के Modern College of Arts Science and Commerce में बॉटनी लेक्चरर हैं और पिछले कई वर्षों से National Testing Agency के साथ परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर जुड़ी हुई थीं। बताया जा रहा है कि उन्हें नीट-यूजी 2026 के बॉटनी और जूलॉजी प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच थी। सीबीआई का दावा है कि उन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को स्पेशल क्लास के जरिए संभावित सवाल पढ़ाए थे।
सीबीआई जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 में मनीषा मंडारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे के जरिए कुछ अभ्यर्थियों को अपने घर बुलाया और वहां विशेष कोचिंग क्लास चलाई। इस दौरान छात्रों को कई सवाल नोटबुक में लिखवाए गए और किताबों में मार्क करवाए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि इन सवालों में से अधिकतर 3 मई 2026 को आयोजित असली NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र से मेल खाते थे।
पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देशभर में छह अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक स्टेटमेंट और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच की जा रही है और इससे पूरे रैकेट की परतें खुल सकती हैं।
सीबीआई ने इस मामले में 12 मई 2026 को एफआईआर दर्ज की थी। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें महाराष्ट्र के लातूर निवासी केमिस्ट्री एक्सपर्ट पीवी कुलकर्णी भी शामिल हैं, जिन्हें केमिस्ट्री पेपर लीक का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। सीबीआई का कहना है कि जांच में ऐसे बिचौलियों की पहचान भी हुई है जिन्होंने लाखों रुपये लेकर छात्रों को इन “स्पेशल क्लासों” तक पहुंचाया था।
Location : New Delhi
Published : 16 May 2026, 5:19 PM IST