Maharajganj News: राष्ट्रीय मंच पर छाया ‘सहकार से समृद्धि’ मॉडल, वाराणसी में मिली बड़ी सराहना

वाराणसी में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी कार्यशाला में महराजगंज का ‘सहकार से समृद्धि’ मॉडल छा गया। डीएम संतोष कुमार शर्मा ने जिले की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रस्तुतीकरण किया, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। सहकारिता, डिजिटलीकरण और सदस्यता अभियान में जिले के प्रयासों को उत्कृष्ट मॉडल माना गया।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 11 April 2026, 12:22 AM IST
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Maharajganj: वाराणसी में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी कार्यशाला में महराजगंज जिले ने अपनी उपलब्धियों और नवाचारों के दम पर खास पहचान बनाई। पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि जनपद के रूप में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सहकार से समृद्धि योजना पर आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसे देशभर से आए अधिकारियों ने सराहा।

इस कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के प्रमुख सचिव, रजिस्ट्रार और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। ऐसे बड़े मंच पर महराजगंज की उपलब्धियों का प्रस्तुत होना जिले के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है।

सहकारिता से विकास का मजबूत मॉडल

जिलाधिकारी ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि जिले में सहकारिता को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। वर्तमान में 62 पैक्स (PACS) के माध्यम से CSC संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 3 समितियां जन औषधि केंद्र चला रही हैं।

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इसके अलावा 9 नए एम-पैक्स का गठन किया गया है और 50 समितियों को कंप्यूटरीकृत कर ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं से जोड़ा गया है। सदस्यता अभियान में महराजगंज ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल करते हुए 1.30 लाख सदस्य बनाए और 2.20 करोड़ रुपये की शेयर पूंजी जुटाई। वर्ष 2022-23 में 56 समितियों के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण का कार्य कर जिले ने एक नया मॉडल पेश किया, जिसे बाद में पूरे प्रदेश में लागू किया गया।

डिजिटलीकरण और ऋण वितरण में बड़ी छलांग

महराजगंज ने डिजिटलीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। 50 समितियों को ई-पैक्स में परिवर्तित कर सभी लेन-देन को ऑनलाइन किया गया है। इसके साथ ही जिला सहकारी बैंक को मजबूत करने के लिए एकीकृत मॉडल तैयार किया गया, जिससे दुग्ध, मत्स्य और पैक्स गतिविधियों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है।

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ऋण वितरण में भी जिले ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2020-21 में जहां 3.91 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया था, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 49 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

बिजली की समस्या से निपटने के लिए 19 समितियों में सोलर रूफटॉप लगाए गए हैं और अन्य में काम जारी है। वहीं, ब्याजमुक्त क्रेडिट लिमिट योजना के तहत 95 समितियां सक्रिय हो चुकी हैं, जिससे उर्वरक कारोबार 56 करोड़ से बढ़कर 86 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

कार्यशाला के दौरान आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता, उत्तर प्रदेश ने महराजगंज के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे एक उत्कृष्ट मॉडल बताया और भविष्य में भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद जताई।

Location :  Maharajganj

Published :  11 April 2026, 12:22 AM IST

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