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मोनालिसा और फरमान (सोर्स: गूगल)
New Delhi: महाकुंभ से वायरल हुई मोनालिसा भोंसले की कहानी अब एक बड़े विवाद में बदलती नजर आ रही है। शादी के बाद जिस रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा थी, वही अब जांच के घेरे में आ गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी कर दिया है। अब मोनालिसा और फरमान दोनों को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी, खासकर मोनालिसा की उम्र को लेकर उठे सवालों पर।
उम्र और दस्तावेजों की होगी गहन जांच
आयोग ने दिल्ली से खरगोन एसपी को नोटिस भेजकर साफ निर्देश दिए हैं कि मोनालिसा की उम्र की जांच की जाए और उसके प्रमाण पेश किए जाएं। शिकायत में यह आशंका जताई गई है कि उम्र से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी या गलत जानकारी दी गई हो सकती है। इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कहीं शादी में किसी तरह का दबाव, धोखा या पहचान छिपाने जैसी स्थिति तो नहीं थी। अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवार के आरोपों से बढ़ा मामला
मोनालिसा के पिता जयसिंह भोंसले और मां लता भोंसले ने पहले ही बेटी के नाबालिग होने का आरोप लगाया था। उनके साथ ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने भी इस मामले को उठाया था। परिवार और समाज के लोगों का कहना है कि फरमान ने धोखे से शादी की है। इन आरोपों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया, जिसके चलते अब मानवाधिकार आयोग को हस्तक्षेप करना पड़ा।
दो राज्यों की एजेंसियां मिलकर करेंगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि केरल प्रशासन को भी जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और डीजीपी को आपसी समन्वय के साथ जांच आगे बढ़ाने को कहा गया है। इससे साफ है कि हर पहलू चाहे दस्तावेज हों, सहमति का सवाल हो या शादी की परिस्थितियां सबकी बारीकी से जांच होगी। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सामने आता है और क्या मोनालिसा की उम्र को लेकर उठे सवाल सही साबित होते हैं या नहीं। फिलहाल यह मामला एक वायरल कहानी से निकलकर एक गंभीर कानूनी जांच में बदल चुका है।
Location : New Delhi
Published : 8 April 2026, 11:43 PM IST