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मोजतबा खामेनेई और डोनाल्ड ट्रम्प (Image Source: Google)
New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अहम वार्ता होने जा रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम को लेकर उम्मीदें तो हैं, लेकिन हालात पूरी तरह सकारात्मक नहीं कहे जा सकते।
सूत्रों के मुताबिक, इस वार्ता के लिए इस्लामाबाद के सेरेना होटल को पूरी तरह से बुक कर लिया गया है। यह होटल रेड जोन में स्थित है, जहां आसपास कई महत्वपूर्ण सरकारी इमारतें और दूतावास मौजूद हैं। इसके अलावा संभावना जताई जा रही है कि कुछ अहम बैठकें प्रधानमंत्री आवास में भी हो सकती हैं, जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मेजबान की भूमिका निभाएंगे।
इस वार्ता में दोनों देशों के कई बड़े नेता शामिल होने जा रहे हैं। ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष और पूर्व सैन्य कमांडर मोहम्मद बाकिर क़ालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
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वहीं अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस वार्ता में हिस्सा लेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस बैठक की शुरुआत करेंगे और दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग प्रारंभिक बातचीत करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार दोनों देशों के बीच समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। हालांकि सेना प्रमुख असीम मुनीर इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं, इस पर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, यह वार्ता शनिवार सुबह करीब 9 बजे औपचारिक रूप से शुरू हो सकती है। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच अलग-अलग कमरों में बातचीत होगी, ताकि पहले मुद्दों पर सहमति बनाई जा सके।
यदि शुरुआती दौर में सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो बाद में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई जाएगी। यह प्रक्रिया एक या दो दिन नहीं, बल्कि 2 से 3 दिन तक चल सकती है, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।
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इस पूरी वार्ता को लेकर पाकिस्तान ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा कारणों और आपसी विश्वास की कमी के चलते पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया है।
यहां तक कि ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के आगमन को लेकर भी आधिकारिक पुष्टि सीमित ही की जा रही है। पाकिस्तान ने विशेष व्यवस्था करते हुए दोनों देशों के अधिकारियों को बिना वीजा आने की छूट दी है, ताकि आपात स्थिति में कोई बाधा न आए।
ऐसा माना जा रहा है कि अगर यह वार्ता सफल होती है, तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
Location : New Delhi
Published : 11 April 2026, 1:27 AM IST