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अंधेरे में मिट्टी खनन
Mahrajganj: उत्तर प्रदेश में महराजगंज जिले के भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों रात के अंधेरे में मिट्टी खनन का बड़ा खेल चल रहा है। खासकर भगवान चौकी क्षेत्र में यह अवैध गतिविधि तेजी से फल-फूल रही है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, देर रात लोडर मशीनों की मदद से खेतों से मिट्टी निकाली जाती है और फिर उसे ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर बेचा जाता है। एक रात में आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली इस काम में जुटे रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह काम लंबे समय से जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गेहूं की फसल कटते ही मिट्टी खनन का कारोबार तेज हो गया है। खेती योग्य जमीन को खोदकर मिट्टी निकालने से उपजाऊ भूमि तेजी से बंजर होने की कगार पर पहुंच चुकी है। इससे किसानों को भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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लगातार मिट्टी की खुदाई से जमीन की उर्वरता कम हो जाती है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। इसके बावजूद खनन माफिया खुलेआम खेतों को खोद रहे हैं। यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
भगवानपुर चौकी क्षेत्र में हो रहे इस खनन को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह वैध है या अवैध। अगर खनन वैध है, तो फिर इसे रात के अंधेरे में क्यों किया जा रहा है? और अगर अवैध है, तो प्रशासन अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
इस पूरे मामले में स्थानीय स्तर पर प्रशासन और खनन माफिया के बीच मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना अधिकारियों की जानकारी के इतने बड़े स्तर पर खनन संभव नहीं है।
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इस अवैध गतिविधि से सरकार को राजस्व की भारी क्षति हो रही है, वहीं दूसरी ओर खेती की जमीन भी लगातार खराब हो रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पूरे मामले को और संदिग्ध बना रही है।
Location : Mahrajganj
Published : 9 April 2026, 11:30 PM IST