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मेडिकल स्टोर्स पर प्रशासन की व्यापक छापेमारी (इमेज सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Maharajganj: भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नशीली दवाओं की लगातार पकड़ी जा रही खेपों ने जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया है। हाल में नेपाल से आने वाली संदिग्ध खेपों के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में बीते दो दिनों से सोनौली बॉर्डर समेत सीमावर्ती इलाकों में मेडिकल स्टोर्स पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग, महराजगंज पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम ने सोनौली बॉर्डर के लगभग हर मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। टीम ने लाइसेंस की वैधता, स्टॉक रजिस्टर, बिल-वाउचर और एक्सपायरी डेट की गहन पड़ताल की। साथ ही यह भी जांचा गया कि कहीं बिना प्रिस्क्रिप्शन प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की बिक्री तो नहीं हो रही है। कई दुकानों से संदिग्ध दवाओं के सैंपल लिए गए। कुछ दुकानदारों को नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी चेतावनी दी गई।
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डॉ. दया शंकर मिश्रा ‘दयालु’ के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान में अधिकारियों ने साफ संदेश दिया कि कोई भी लापरवाही या अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीमा क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस सक्रियता का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं की तस्करी युवाओं को बर्बाद कर रही थी। अब इस छापेमारी से अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी और आम आदमी को नकली व एक्सपायर्ड दवाओं से मुक्ति मिलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी अभियान निरंतर चलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी है कि वे कानून का सख्ती से पालन करें, अन्यथा परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
सोनौली जैसे संवेदनशील बॉर्डर क्षेत्र में नशीली दवाओं की तस्करी न सिर्फ जन स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी चुनौती है।
Location : Maharajganj
Published : 8 April 2026, 8:16 PM IST