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हिंडनबर्ग के संकट से पूरी तरह उबरा अदाणी ग्रुप (Img- Internet)
Mumbai: भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले अदाणी ग्रुप ने कॉरपोरेट जगत में एक बड़ी और ऐतिहासिक वापसी की है। जनवरी 2023 में अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की विवादित रिपोर्ट आने के बाद अदाणी ग्रुप को जो भारी वित्तीय झटका लगा था, ग्रुप ने अब उस पूरे नुकसान की भरपाई कर ली है।
ब्लूमबर्ग की होलिया रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी ग्रुप की 9 लिस्टेड कंपनियों ने मिलकर बाजार में अपनी खोई हुई लगभग 150 अरब डॉलर (करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये) की मार्केट वैल्यू दोबारा हासिल कर ली है। इस शानदार रिकवरी से साफ है कि घरेलू और वैश्विक निवेशकों का भरोसा एक बार फिर इस ग्रुप पर बेहद मजबूत हुआ है।
हालिया कारोबारी सत्रों में अदाणी ग्रुप की सभी 9 लिस्टेड कंपनियों के शेयर शेयर बाजार में हरे निशान के साथ यानी बढ़त पर कारोबार करते दिखे। इस तेजी में सबसे आगे अदाणी टोटल गैस रही, जिसके शेयरों में करीब 13 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। वहीं, अदाणी पावर ने भी अपनी रफ्तार जारी रखी है।
अदाणी पावर का शेयर इस साल अब तक करीब 70 प्रतिशत तक उछल चुका है, जिससे यह ग्रुप की सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली कंपनी बनकर उभरी है। ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में भी लिवाली का माहौल रहा। इन सभी कंपनियों के सामूहिक बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर अदाणी ग्रुप की कुल बाजार वैल्यू 19 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है।
गौरतलब है कि जनवरी 2023 में अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप पर शेयरों में हेरफेर, अकाउंटिंग में गड़बड़ी और विदेशी शेल कंपनियों के गलत इस्तेमाल जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के सार्वजनिक होते ही बाजार में हड़कंप मच गया था और अदाणी ग्रुप के शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई थी।
महज कुछ ही हफ्तों में निवेशकों की 150 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति स्वाहा हो गई थी। हालांकि, अदाणी ग्रुप ने शुरू से ही इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था और इसे भारत की विकास यात्रा और उसकी नियामक संस्थाओं पर एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया हमला बताया था।
पिछले करीब तीन सालों में अदाणी ग्रुप ने इन आरोपों के नकारात्मक असर से बाहर निकलने और बाजार में अपनी साख को दोबारा मजबूत करने के लिए चौतरफा रणनीति पर काम किया। इस दौरान कई सकारात्मक घटनाक्रम सामने आए जिन्होंने निवेशकों को राहत दी। अमेरिकी न्याय विभाग की तरफ से अदाणी से जुड़े मामलों में कुछ राहत भरी कार्रवाइयों के बाद बाजार का सेंटीमेंट काफी सुधरा।
इसके अलावा, कैपिटल ग्रुप जैसे दिग्गज वैश्विक निवेशकों ने भी अदाणी की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर ग्रुप की साख पर मुहर लगाई। भारत के नियामक सेबी ने भी रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन और फंड डायवर्जन से जुड़े कुछ बड़े आरोपों को खारिज कर दिया था, जिससे ग्रुप को बड़ी क्लीन चिट मिली।
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अदाणी ग्रुप की कंपनियों की वर्तमान बाजार स्थिति में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। ग्रुप की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में आई चौतरफा तेजी के चलते समूह का कुल मार्केट कैप 19 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इस रिकवरी के साथ ग्रुप ने हिंडनबर्ग संकट के दौरान गंवाई अपनी पूरी बाजार वैल्यू वापस हासिल कर ली है।
वर्तमान में अदाणी पावर लिमिटेड करीब 4.79 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ ग्रुप की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। इसके बाद अदाणी पोर्ट्स (4.20 लाख करोड़ रुपये) और अदाणी एंटरप्राइजेज (3.84 लाख करोड़ रुपये) का स्थान है।
Location : Mumbai
Published : 28 May 2026, 3:44 PM IST