हिंदी
जसीडीह स्टेशन पर डीआरएम का निरीक्षण (फोटो: डाइनामाइट न्यूज)
Deoghar: श्रावणी मेला शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। हर साल लाखों श्रद्धालुओं की पहली दस्तक जसीडीह रेलवे स्टेशन पर होती है। ऐसे में सवाल यही है कि इस बार भीड़ को कैसे संभाला जाएगा? श्रद्धालुओं को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ेगा या फिर व्यवस्था पहले से बेहतर होगी?इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने और तैयारियों की हकीकत परखने के लिए आसनसोल मंडल के डीआरएम संग्रह मौर्य जसीडीह और बैद्यनाथ धाम रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने स्टेशन परिसर, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा इंतजाम और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
हर साल लाखों श्रद्धालुओं का दबाव, रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रावणी मेले के दौरान जसीडीह जंक्शन पूर्व रेलवे के सबसे व्यस्त स्टेशनों में शामिल हो जाता है। बड़ी संख्या में कांवरिये यहीं उतरकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। भीड़ के कारण प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, टिकट काउंटर और स्टेशन परिसर पर जबरदस्त दबाव रहता है। यही वजह है कि इस बार रेलवे ने सामान्य दिनों से अलग विशेष व्यवस्था करने का दावा किया है।
डीआरएम ने निरीक्षण के दौरान बताया कि श्रावणी मेले को देखते हुए श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। सिर्फ इतना ही नहीं, भीड़ अचानक बढ़ने की स्थिति में स्टैंडबाय ट्रेन भी तैयार रखी जाएगी, ताकि यात्रियों को लंबे समय तक स्टेशन पर इंतजार न करना पड़े।रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों के परिचालन पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सेवाएं भी संचालित की जा सकती हैं।
Deoghar Double Murder: डबल मर्डर के आरोपियों को पुलिस ने दबोचा, मां-बेटे के कत्ल की गुत्थी सुलझी
सबसे बड़ा बदलाव करीब 80 हजार वर्गफीट का होल्डिंग एरिया है।इसका उद्देश्य यह है कि एक साथ बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन परिसर में अनियंत्रित भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय व्यवस्थित तरीके से रोका जा सके। यहां से जरूरत के अनुसार यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म की ओर भेजा जाएगा।
रेलवे का मानना है कि इससे भगदड़ जैसी स्थिति की आशंका कम होगी और यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
श्रावणी मेले के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें शौचालय और स्नान की सुविधाओं को लेकर सामने आती रही हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार स्टेशन परिसर में शौचालयों और स्नानागारों की संख्या बढ़ाई जा रही है। रेलवे का दावा है कि ये सुविधाएं श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क उपलब्ध रहेंगी, ताकि यात्रियों को अतिरिक्त खर्च या असुविधा का सामना न करना पड़े।
स्पेशल ट्रेन की सुविधा (फोटो: डाइनामाइट न्यूज)
डीआरएम के दौरे में सिर्फ स्टेशन भवन ही नहीं, बल्कि यात्री आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, भीड़ नियंत्रण, पेयजल, होल्डिंग एरिया और अन्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
डीआरएम संग्रह मौर्य ने कहा कि श्रावणी मेले को लेकर रेलवे पूरी तरह तैयार है। श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विशेष ट्रेनों की व्यवस्था, स्टैंडबाय ट्रेन, बड़ा होल्डिंग एरिया, निशुल्क शौचालय और स्नानागार जैसी व्यवस्थाएं इसी उद्देश्य से की जा रही हैं ताकि बाबा नगरी आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
दावे हर साल किए जाते हैं, लेकिन असली परीक्षा 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेले में होगी। यदि रेलवे की ये तैयारियां समय पर पूरी हुईं और जमीन पर दिखीं, तो जसीडीह स्टेशन पर लाखों श्रद्धालुओं का सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम हो सकता है। वहीं, किसी भी स्तर पर चूक हुई तो सबसे पहले दबाव इसी स्टेशन पर दिखाई देगा।
Location : Deoghar
Published : 17 July 2026, 10:19 AM IST