50 लाख श्रद्धालु आने वाले हैं, क्या सब तैयार है?… नगर आयुक्त सुलोचना मीना ने श्रावणी मेले से पहले दिए अहम निर्देश

30 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के लिए देवघर में तैयारियां तेज हैं। प्रशासन नई तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था का दावा कर रहा है। जानिए तैयारियों की पूरी तस्वीर इस खास रिपोर्ट में।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 13 July 2026, 9:17 PM IST
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Deoghar: विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से होने जा रही है। बाबा बैद्यनाथ धाम में इस बार भी देश-विदेश से करीब 50 से 55 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक, स्वास्थ्य, पेयजल और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार AI आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम, अतिरिक्त CCTV, बैरिकेडिंग, टेंट सिटी, पेयजल और अन्य सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

नगर निगम की जिम्मेदारी सबसे बड़ी

श्रावणी मेले में जिला प्रशासन कानून-व्यवस्था संभालता है, लेकिन शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नगर निगम की है। सड़क की सफाई, नालियों की सफाई, सार्वजनिक शौचालय, पेयजल, कचरा उठाव, स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता, इन सभी की सीधी जवाबदेही नगर निगम पर रहती है।

नगर आयुक्त सुलोचना मीना निरीक्षण के लिए पहुंची (Img: Dynamite News)

ISBT बस स्टैंड के सामने शौचालय अब भी बंद

श्रावणी मेला शुरू होने में अब गिने-चुने दिन बचे हैं, लेकिन शहर के मुख्य बस स्टैंड के सामने बने करीब 15 सार्वजनिक शौचालय अब भी बंद पड़े हैं। नगर आयुक्त सुलोचना मीना ने निरीक्षण के दौरान इन्हें जल्द चालू कराने का निर्देश दिया है। लेकिन केवल शौचालय खोल देना ही पर्याप्त नहीं होगा। उनकी नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता, प्रकाश व्यवस्था और सफाईकर्मियों की तैनाती भी उतनी ही जरूरी होगी।

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निरीक्षण के दौरान बंद मिले सार्वजनिक शौचालय (Img: Dynamite News)

नई नगर आयुक्त के सामने पहली बड़ी परीक्षा

पूर्व नगर आयुक्त के स्थानांतरण के बाद सुलोचना मीना ने नगर निगम की कमान संभाली है। वह लगातार शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर रही हैं, अधिकारियों को निर्देश दे रही हैं और तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं। हालांकि जमीनी स्तर पर अभी भी कई स्थानों पर सफाई, जलनिकासी और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर काम अधूरा दिखाई दे रहा है।

पिछले वर्ष से क्या सीखा गया?

पिछले श्रावणी मेले में भी लाखों श्रद्धालु बाबा धाम पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने के साथ कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था पर दबाव देखा गया। सार्वजनिक स्थलों पर कचरा उठाने में देरी, कुछ शौचालयों की खराब स्थिति और भीड़ वाले क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। प्रशासन को आवारा पशुओं तक के खिलाफ विशेष अभियान चलाना पड़ा था।

मेले को लेकर तैयारियां तेज (Img: Dynamite News)

बढ़ाया जा रहा सुविधाओं का दायरा 

इस वर्ष प्रशासन ने कई नई व्यवस्थाएं शुरू की हैं। AI आधारित कंट्रोल रूम, अतिरिक्त CCTV निगरानी, मिस्ट कूलिंग सिस्टम, टेंट सिटी, पार्किंग स्थल, पेयजल व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। पहली बार भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए 'टोटो एम्बुलेंस' भी तैनात की जाएंगी।

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नगर निगम के लिए चुनौती अभी बाकी

श्रद्धालु जब देवघर पहुंचेंगे तो उनकी पहली नजर मंदिर पर नहीं, बल्कि शहर की व्यवस्था पर पड़ेगी। अगर बस स्टैंड पर शौचालय बंद मिलें, सड़क किनारे कचरा जमा हो, नालियां जाम रहें और पेयजल की व्यवस्था कमजोर हो, तो करोड़ों रुपये की तैयारियों पर सवाल उठना तय है। श्रावणी मेला केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि नगर निगम की कार्यक्षमता की भी सबसे बड़ी परीक्षा है। 

Location :  Deoghar

Published :  13 July 2026, 8:08 PM IST

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