अब देवघर सिर्फ बाबा धाम नहीं, दुबई तक पहुंची यहां के आम की मिठास… महिला किसानों ने रचा नया इतिहास

देवघर ने इस बार अपनी नई पहचान दुनिया के सामने पेश की है। यहां उगा आम्रपाली आम पहली बार सीधे दुबई के बाजार तक पहुंचा है, जिसने जिले के किसानों, खासकर महिला किसानों की मेहनत को नई उड़ान दी है। यह सिर्फ निर्यात की खबर नहीं, बल्कि खेती और किसानों के भविष्य से जुड़ी एक बड़ी शुरुआत भी मानी जा रही है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 7 July 2026, 6:16 PM IST
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Deoghar: अब तक देवघर की पहचान बाबा बैद्यनाथ धाम, श्रावणी मेला और धार्मिक पर्यटन के लिए होती रही है, लेकिन इस बार जिले ने अपनी एक नई पहचान बनाई है। यह पहचान यहां की उपजाऊ मिट्टी में उगे आम्रपाली आम की है, जिसने पहली बार सात समंदर पार कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बनाई है।

देवघर जिले से करीब 1 टन (1000 किलोग्राम) आम्रपाली आम की पहली खेप दुबई भेजी गई है। वहां यह विश्व प्रसिद्ध लुलु रिटेल स्टोर की शेल्फ पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। यह केवल आम का निर्यात नहीं, बल्कि जिले के किसानों, विशेषकर महिला किसानों की मेहनत, गुणवत्ता और आत्मविश्वास की पहली वैश्विक पहचान है।

किसानों की मेहनत की कहानी

यह उपलब्धि किसी एक दिन की नहीं है। इसके पीछे महीनों की मेहनत, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, ग्रेडिंग, पैकिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया शामिल रही। इस पूरे निर्यात अभियान में मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी (FPO) से जुड़ी महिला किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, निर्यात प्रक्रिया को सफल बनाने में APEDA का तकनीकी सहयोग भी मिला। संस्था ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता और पैकेजिंग सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।

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क्यों खास मानी जा रही है यह उपलब्धि?

देवघर के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी स्थानीय कृषि उत्पाद को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिली है। इसका मतलब सिर्फ इतना नहीं कि आम दुबई पहुंच गया, बल्कि यह संकेत भी है कि अब जिले के किसान केवल स्थानीय मंडियों तक सीमित नहीं रहेंगे। अगर आने वाले समय में गुणवत्ता बनी रहती है और निर्यात का दायरा बढ़ता है, तो आम के साथ-साथ सब्जियां, शहद, सब्जी बीज और मखाना जैसे अन्य कृषि उत्पादों के लिए भी विदेशी बाजार के रास्ते खुल सकते हैं। इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी और बिचौलियों पर निर्भरता कम हो सकती है।

आंकड़ों में समझिए पूरी तस्वीर

पहली खेप: 1000 किलोग्राम (1 टन) आम्रपाली आम
निर्यात गंतव्य: दुबई
बिक्री केंद्र: लुलु रिटेल स्टोर
उत्पादक: मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी (FPO) से जुड़ी महिला किसान
तकनीकी सहयोग: APEDA
उपलब्धि: देवघर से पहली बार किसी कृषि उत्पाद का प्रत्यक्ष अंतरराष्ट्रीय निर्यात
महिला किसानों के लिए प्रेरणा बनी यह सफलता

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं लंबे समय से खेती कर रही हैं। हालांकि, उनके उत्पाद अक्सर स्थानीय बाजारों तक ही सीमित रह जाते थे।

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अब सबसे बड़ा सवाल आगे का 

  • एक टन आम का दुबई पहुंचना निश्चित रूप से अच्छी शुरुआत है, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है।
  • क्या अगले सीजन में 1 टन की जगह 10 टन या 100 टन आम का निर्यात हो सकेगा?
  • क्या जिले के अन्य किसान भी इस निर्यात श्रृंखला से जुड़ पाएंगे?
  • क्या किसानों को निर्यात के अनुरूप प्रशिक्षण, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग सेंटर और स्थायी बाजार उपलब्ध कराया जाएगा?

अगर इन सवालों का जवाब आने वाले समय में 'हां' में मिलता है, तभी यह उपलब्धि किसानों की आय बढ़ाने वाले स्थायी आर्थिक बदलाव में बदल सकेगी।

उपायुक्त ने क्या कहा?

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने इसे जिले के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार यह पहल देवघर के कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए अवसर खोलेगी। 

Location :  Deoghar

Published :  7 July 2026, 6:16 PM IST

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