टैक्सपेयर्स ध्यान दें! बदल गई नए टैक्स कानून की टाइमलाइन, समय रहते भरें ITR वरना… लगेगा भारी जुर्माना

ITR Filing Last Date 2026: जानिए ITR-1, ITR-2, ITR-3, ITR-4, बिलेटेड रिटर्न, रिवाइज्ड रिटर्न और ITR-U की अंतिम तारीखें। देर से ITR भरने पर लगने वाली लेट फीस, ब्याज और नए टैक्स नियमों की पूरी जानकारी।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 7 July 2026, 2:29 PM IST
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New Delhi: अगर आप हर साल की तरह यह सोच रहे हैं कि अभी काफी समय है और बाद में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भर देंगे, तो इस बार यह लापरवाही महंगी पड़ सकती है। आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 की ऑनलाइन फाइलिंग शुरू कर दी है। समय पर ITR दाखिल करने से न सिर्फ लेट फीस और ब्याज से बचा जा सकता है, बल्कि भविष्य में लोन, वीजा और अन्य वित्तीय कार्यों में भी परेशानी नहीं होती।

जानिए किसके लिए क्या है ITR भरने की आखिरी तारीख

टैक्सपेयर्स / ITR फॉर्म                                                           आखिरी तारीख

ITR-1 और ITR-2 (सैलरी, कैपिटल गेन)                              31 जुलाई 2026

ITR-3 और ITR-4 (बिना टैक्स ऑडिट वाले बिजनेस)          31 अगस्त 2026

ITR-3 और ITR-4 (टैक्स ऑडिट वाले मामले)                     31 अक्टूबर 2026

ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट वाले बिजनेस                                    30 नवंबर 2026

बिलेटेड रिटर्न                                                                       31 दिसंबर 2026

रिवाइज्ड रिटर्न                                                                     31 मार्च 2027

अपडेटेड रिटर्न (ITR-U)                                                    31 मार्च 2031

समय पर ITR नहीं भर पाए तो क्या करें?

अगर तय समय सीमा तक ITR दाखिल नहीं हो पाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए नियमानुसार लेट फीस और ब्याज देना पड़ सकता है।

यदि बिलेटेड रिटर्न की समय सीमा भी निकल जाए, तो ITR-U (Updated Return) दाखिल करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। इसे संबंधित असेसमेंट ईयर समाप्त होने के बाद चार साल तक, यानी 31 मार्च 2031 तक दाखिल किया जा सकता है।

ITR में गलती हो जाए तो कैसे सुधारें?

अगर ITR दाखिल करने के बाद कोई जानकारी गलत भरने या टैक्स छूट (Deduction) छूटने का पता चलता है, तो रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। इसकी अंतिम तारीख 31 मार्च 2027 है।
यदि यह समय सीमा भी निकल जाए, तो अपडेटेड रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। हालांकि इसमें नई टैक्स छूट का दावा नहीं किया जा सकता और इसे दोबारा संशोधित भी नहीं किया जा सकता।

टैक्सपेयर्स ध्यान दें! ITR फॉर्म आ गए, अब सबसे बड़ा सवाल- कब और कैसे करें फाइल?

देर से ITR भरने पर क्या होगा नुकसान?

  1. समय पर ITR दाखिल न करने पर कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।
  2. बकाया टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना पड़ सकता है।
  3. आय 5 लाख रुपये से अधिक होने पर 5,000 रुपये तक की लेट फीस और 5 लाख रुपये तक की आय पर 1,000 रुपये की लेट फीस लग सकती है।
  4. बिजनेस लॉस या शेयर, प्रॉपर्टी और म्यूचुअल फंड से हुए नुकसान को भविष्य में Carry Forward करने का लाभ नहीं मिलेगा।
  5. बैंक लोन, क्रेडिट प्रोफाइल और वीजा प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ सकता है।

नए टैक्स कानून में क्या बदलेगा?

हालांकि इनकम टैक्स एक्ट 2025 एक अप्रैल 2026 से लागू होगा, लेकिन AY 2026-27 के लिए अभी भी इनकम टैक्स एक्ट 1961 के नियम ही लागू रहेंगे।
नए कानून में कुछ धाराओं के नंबर बदले गए हैं।
लेट फाइलिंग पर ब्याज: धारा 234A   -  धारा 423
लेट फीस: धारा 234F  -  धारा 428
बिलेटेड रिटर्न: धारा 139(4)  -  धारा 263(4)
अपडेटेड रिटर्न: धारा 139(5)  -  धारा 263(5)

इसलिए इस असेसमेंट ईयर के लिए टैक्सपेयर्स को पुराने नियमों के अनुसार ही ITR दाखिल करना होगा।

Location :  New Delhi

Published :  7 July 2026, 2:29 PM IST

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